रेउसा (सीतापुर)। लखीमपुर बैराजों से रोजाना छोड़े जा रहे पानी से तराई इलाके की नदियां उफनाती जा रही है। बाढ़ का पानी अब दुर्गापुरवा व लोधनपुरवा गांव के करीब पहुंच गया है। इससे यहां के करीब 300 परिवारों पर संकट के बादल मंडराने लगे है। सोमवार को लखीमपुर बैराजों से 2.99 लाख क्यूसेक पानी शारदा व सरयू में छोड़ा गया है। पानी के देर रात तक जिले में आने की आशंका है।
तहसील बिसवां प्रशासन ने फौजदारपुरवा, चौकी पुरवा व परमेश्वरपुरवा के ग्रामीणों को अलर्ट किया है। लेखपाल गांव में ही ठहरकर जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। शारदा व सरयू नदी में तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। लखीमपुर के गिरिजा बैराज से सोमवार को सरयू में 134435 व बनबसा बैराज से शारदा में 164702 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अधिशाषी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल ने बताया कि यह पानी देर रात तक जिले में आ जाएगा। नदियों का पानी अब दुर्गापुरवा व लोधनपुरवा गांव के करीब पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले नदी करीब आधा किलोमीटर दूर बह रही थी। देर रात में यह पानी गांव के पास आ गया है। अभी इस पानी से कोई घर नहीं कटा है। लेकिन इन गांवों में रह रहे करीब 300 परिवारों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है।
फौजदारपुरवा, चौकीपुरवा व परमेश्वरपुरवा में नदी का कटान जारी है। रात में अचानक पानी बढ़ने से ग्रामीण घबरा गए थे। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि लेखपालों की गांवों में ही ड्यूटी लगाई है। वह रात में गांव में ही निवास करते हैं। जब जलस्तर बढ़ा तो रात करीब 12 बजे ग्रामीणों को लेखपालों ने लाउडस्पीकर के जरिये जगाया। पानी से अलर्ट रहने की हिदायत दी।
तंबौर में टापू पर बसे गांवों में भरा पानी
तंबौर। तंबौर क्षेत्र से निकली शारदा नदी के जलस्तर में वृद्धि से लोगों के घरों में पानी घुस गया है। मीतमउ व मजरा नईबस्ती के करीब 30 घर, नकहा के 25 घर व परेवापुरवा के 50 घर पानी के किनारे आ गए है। कई घरों में पानी घुस गया है। यह सभी गांव नदी के बीच टापू पर बसे हैं। एकाएक हुई जलवृद्धि से इनका अन्य गांवों से संपर्क कट गया है। अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो दुश्वारियां बढ़ती जाएंगी।
बाढ़ प्रभावित गांवों में दिन-रात नजर रखी जा रही है। पीएससी की एक बटालियन आ गई है। यह रेउसा के मालती प्रसाद शिवप्यारी बालिका इंटर कॉलेज में ठहरी है। पानी बढ़ रहा है, लेकिन अभी बाढ़ जैसे अभी हालात नहीं है।
अनुपम मिश्रा, एसडीएम बिसवां