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28 ब्लैक स्पॉट, जहां दम तोड़ रहीं जिंदगियां

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सीतापुर। बिजवार पुल सहित जिले में कई चौराहों व सड़कों पर तमाम जानलेवा खामियां हैं। बीते सोमवार को बिजवार पुल से गिरकर एक बाइक सवार की मौत के बाद यह मुद्दा फिर गरमा गया है। हाल ही में बने इस पुल के कारण अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जिम्मेदारों की सूची में जिले में 28 ब्लैक स्पॉट हैं। इन जगहों पर तत्काल सुधार की जरूरत है पर अफसर उदासीन हैं। बीते दो साल में इन ब्लैक स्पॉटों पर 126 लोग जान गंवा चुके हैं। अधिकतर ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना बाहुल्य के सूचक तक नहीं लगाए गये हैं।
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जिले भर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने दुर्घटना बाहुल्य स्थान चिह्नित किए। इन स्थानों पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही है। प्रशासन इन स्थानों पर सुरक्षा के कोई उपाय करने के बजाए केवल कागजों पर ही घोड़े दौड़ा रहा है। अधिकांश स्थानों पर दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र के बोर्ड तक नहीं लग सके है, जब कहीं दुर्घटना हो जाती है तो जिम्मेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर दामन बचाने की कोशिशें करते हैं।
एआरटीओ कार्यालय के मुताबिक एक जनवरी 2020 से 15 मई 2022 तक जिले में इन स्थानों पर 331 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 126 लोग अपनी जान गंवा चुके है। इसके बावजूद इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाकर लोगों को जागरूक जरूर किया गया लेकिन इन स्थानों पर सुरक्षा के प्रबंध तक नहीं हैं।
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बिजवार पुल से गिरकर दो माह में तीन की हो चुकी मौत
खैराबाद/सीतापुर। नैपालापुर नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले बिजवार पुल दुर्घटनाओं का सबक बन गया है। इस पुल पर दो माह में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं खुली। करोड़ों की लागत से बना यह पुल खतरनाक कैसे हो गया। आखिर यहां पर क्या दिक्कत है जो दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
दो दिन पहले ही खैराबाद निवासी सौरभ मिश्रा ओवरब्रिज की बाउंड्रीवाल से टकराकर नीचे गिर गए थे। इससे उनकी मौत हो गई थी। इससे पहले अन्य दो लोगों की भी पुल से नीचे गिरकर मौत हो चुकी है। यहां पर सुरक्षा के को कोई उपाय नहीं हैं। केवल कागजों पर ही ब्लैक स्पॉट बताकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई। खैराबाद क्षेत्र के रमेश कुमार मिश्र, संदीप मिश्रा, पुनीत सिंह, लकी, अमित, राजेश ने तत्काल ओवरब्रिज पर जाली व मोड़ पर निशान लगाने की मांग की है। इन लोगों का कहना है कि एक सप्ताह में प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन करेंगे।
ये हैं 28 ब्लैक स्पॉट
जिले में 28 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें कोतवाली नगर में बहुगुणा चौराहा, वैदेही वाटिका, खैराबाद इलाके में धरैंचा बाजार व टोल प्लाजा, रामकोट इलाके में कांशीराम कॉलोनी, महोली इलाके में बड़ागांव, हरगांव में मुद्रासन, इमलिया सुल्तानपुर इलाके में काजी कमलापुर, लहरपुर में सिंघनापुर व भदफर, तालगांव में कसरैला चौराहा व मेंहदीपुरवा, मानपुर इलाके में सरैंया, बिसवां में कस्बा व बिसवां चौराहा शामिल हैं।
इसी तरह तंबौर इलाके में रेउसा मोड़ व लखवेड़ा पुलिया, मिश्रिख इलाके में नहर चौराहा, संदना इलाके में अनोगी मोड़, सिधौली इलाके में मनुवा तिराहा व कस्बा, कमलापुर में मनपारा, सुरैंचा, अटरिया इलाके में कस्बा व नेशनल हाईवे, महमूदाबाद इलाके में ऊंच गांव, नैमिषारण्य इलाके में बीबीपुर तिराहा, कोतवाली देहात में बिजवार चौराहे को भी ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है।
सड़क बनाने वाले की होती है जिम्मेदारी
शहर में जो ब्लैक स्पॉट घोषित किए गए हैं, उस स्थान पर जिस विभाग की तरफ से सड़क बनवाई जाती है। वहीं विभाग वहां पर दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र का बोर्ड लगवाएगा। इसको लेकर सभी कार्यदायी संस्था को बोर्ड लगवाने के लिए पत्र लिखा गया है।
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- उदित नारायन, एआरटीओ प्रवर्तन
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