डीएम के फरमान पर हुए औचक मुआयने में जिले में विकास कार्यों व स्वास्थ्य सेवाएं बदरंग रहीं। ब्लॉक और स्वास्थ्य केंद्रों के मुआयने में तकरीबन 250 अफसर व कर्मी नदारद मिले।
नवागत डीएम अमृत त्रिपाठी दूसरे दिन पूरे एक्शन में नजर आए। डीएम ने सुबह ही अपने कैंप कार्यालय पर जिलास्तरीय अफसरों को तलब किया। बुधवार को डीएम ने तहसील स्तरीय राजस्व अफसरों को क्षेत्रों में पड़ने वाले विकास खंड कार्यालयों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए।
इस पर सात तहसीलों के सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने स्वास्थ्य केंद्र व ब्लॉक कार्यालय का मुआयना किया। सुबह 10 से 12 बजे के मध्य हुए निरीक्षणों में स्वास्थ्य और विकास सेहत बेहद खराब मिली।
कहीं ब्लॉक कार्यालयों में तालाबंदी पाई गई तो कहीं बीडीओ ही नदारद मिले। डीएम ने अनुपस्थित सभी अफसरों व कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने व स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीडीओ व सीएमओ को दिए हैं। डीएम की इस कार्यवाही से जिले भर में हड़कंप मच गया।
अफसरों से लिए उनके निवास के पते
डीएम ने देर शाम विकास महकमे के जिला स्तरीय अफसरों के साथ बैठक की। जिसमें अफसरों को डीएम ने अपनी प्राथमिकताओं से अवगत कराया। डीएम ने कहा जिले को विकास के गति पर आगे ले जाना हैं और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। डीएम ने कहा अफसर अपने तैनाती स्थल के 8 किमी. की परिधि में निवास करें। बैठक में डीएम ने सभी अफसरों से उनके निवास स्थल के पते बेसिक फोन, नंबर, ईमेल आईडी भी लिए।
पावर कॉर्पोरेशन से भी जवाब-तलब
बेहतर विद्युत आपूर्ति को लेकर शहर में आरएपी-डीआरपी योजना के तहत 350 नए विद्युत ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे। कार्यदायी संस्था एनकेजी ने अभी तक 160 ट्रांसफार्मर ही लगाए हैं। जबकि यह कार्य मार्च 2016 में पूरा हो जाना था। डीएम ने पावर कॉर्पोरेशन से इसे लेकर जवाब तलब किया हैं। डीएम ने राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना एवं आरएपी-डीआरपी योजना की प्रगति आंकड़ों के साथ अफसरों को तलब किया हैं।
बंद मिले स्वास्थ्य केंद्र, रोका वेतन
सीतापुर। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी की सक्रियता से लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप है। बुधवार को जिला अस्पताल के मुआयने में डीएम को गंदगी का अंबार मिला। इनके अलावा अन्य अफसरों को भी निरीक्षण के दौरान कहीं स्वास्थ्य केंद्र बंद मिले तो कहीं पर चिकित्सक समेत पूरा स्टाप नदारद ही मिला।
मुआयने में करीब 100 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले जिनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल में जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने तैनात चिकित्सकों व मरीजों का हाल देखा। जिसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड पहुंचे।
यहां पर गंदगी देखकर नाराजगी जताई। इसके बाद मेडिकल वार्ड में गंदगी देख डीएम ने नाराजगी जताई। इसी तरह से सर्जिकल वार्ड, पेइंग वार्ड, हृदय विभाग को भी देखा और बदहाली पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने ओपीडी का हाल भी जाना।
उन्होंने दवाओं की लिस्ट लगाने के निर्देश दिए। जिसके बाद रसोईघर पहुंचे डीएम ने गंदगी देख अधिकारियों को फटकार लगाई और भोजन की मेन्यू लिस्ट न लगी होने पर भी नाराजगी जताई। डीएम ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए निर्देश दिए।