नवागत जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने मंगलवार को जिले का चार्ज संभाल लिय। अमृत नेडा निदेशक पद से स्थानातंरित होकर यहां आए हैं। कोषागार में चार्ज लेने के बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष तरजीह दी। कहा कि कानून-व्यवस्था अगर नियंत्रित रहेगी तो विकास अपने आप ही गतिशील हो जाएगा।
2008 बैच के आईएएस अमृत त्रिपाठी मूलत: उत्तराखंड प्रांत के अल्मोड़ा के रहने वाले हैं। जेएनयू से शिक्षा प्राप्त अमृत त्रिपाठी यहां से पूर्व झांसी, गाजीपुर, भदोही, बागपत, प्रतापगढ़ जिलाें के साथ शासन में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। डीएम ने कहा कि राजधानी लखनऊ से सटा होने के कारण यहां पर विकास की अपार संभावनाएं हैं।
कहा कि सीतापुर को सेटेलाइट टाउन बनाने के लिए तेजी के साथ काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पहला प्रयास होगा कि यहां तैनात अफसर लखनऊ से अप डाउन न करें। इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। सबसे पहले विभागीय अफसरों के वाहनों के नबंर एकत्र कर उन्हें टोल प्लाजा को उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिदिन की रिपोर्ट एकत्र की जाएगी।
शासन के निर्देश के अनुरूप अफसरों को तैनाती स्थल से आठ किमी की परिधि में अपना आवास बनाना होगा। डीएम ने कहा कि इसके साथ ही साफ-सफाई व जनशिकायत भी उनकी प्राथमिकता में शुमार होगी। इस दौरान सीडीओ एसके सिंह, एडीएम सर्वेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सर्वेश गुप्ता, डीआईओ डॉ. मधु तांबे मौजूद थीं।
नवागत डीएम अमृत त्रिपाठी ने मंगलवार शाम नैमिषारण्य पहुंचकर दर्शन पूजन कर दार्शनिक स्थलों का भ्रमण किया। दर्शन पूजन के बाद डीएम ने स्थानीय पुजारियों से नैमिष के महत्व की भी जानकारी ली।
डीएम ने 84 कोसी परिक्रमा व मिश्रिख मेला का भी भ्रमण किया। इस दौरान कमियां पाए जाने पर एसडीएम व ईओ को फटकार भी लगाई। डीएम ने कहा कि आगे मिश्रिख मेले के दौरान होने वाले कार्यक्रमों को भव्यता दी जाएगी। इस दौरान एडीएम सर्वेश कुमार सहित अफसर मौजूद रहे।