महमूदाबाद (सीतापुर)। किसी भी धर्म, जाति, मजहब व पंथ के साथ ग्रंथों में भी शिक्षा के महत्व को अलग ही दर्जा प्रदान किया गया है। आधुनिक समाज में शिक्षा के बिना जीवन की कल्पना भी करना व्यर्थ है। यह उद्गार निजी शिक्षण संस्थान में आयोजित शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी में पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डाॅ. अम्मार रिजवी ने व्यक्त किए।
गोष्ठी में पं. नारायण दत्त शास्त्री ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। स्काउट एवं गाइड के जिला आयुक्त आरके वाजपेयी ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे व मां भारती के चित्रों के समक्ष दीप जलाकर व माल्यार्पण कर किया गया।
अतिथियों का स्वागत बैज अंलकरण, माल्यार्पण व स्मृति चिह्न भेंटकर किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 24 शिक्षकों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। गोष्ठी के दौरान इरफान मंसूरी, राजेश सिंह, मनोज श्रीवास्तव, डिप्टी मैनेजर आंजनेय आशीष, वागीश दिनकर, मिथिलेश वाजपेयी, अंब्रीश ओझा, मोहिनी मिश्रा, खुशी वाजपेयी, बरखा, नीरज वर्मा आदि मौजू रहे।