प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों के बजट की दी मंजूरी
सीतापुर। धर्मनगरी नैमिषारण्य का चहुंमुखी विकास कराया जाएगा। मां ललिता देवी मंदिर, चक्रतीर्थ, रुद्वावत मंदिर सहित अन्य मठ मंदिरों कायाकल्प किया जाएगा। आवागमन को सड़कें बनेंगी। बिजली से जगमगाने को हाईमास्ट लगेंगी। चौरासी कोसीय परिक्रमा पर पड़ाव स्थलों का निर्माण होगा।
कुंडों व सरोवरों की साफ-सफाई होगी। पेयजल के भी पुख्ता इंतजाम होंगे। गुरुवार को सदन में पेश किए गए बजट में योगी सरकार ने नैमिष के विकास के लिए बजट का प्राविधान किया है। ये विकास कार्य जिले स्तर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर कराए जाएंगे।
पौराणिक नैमिषारण्य इलाका विकास कार्यों से अछूता है। यहां पर रोजाना हजारों श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं। इसके अलावा प्रतिमाह अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु देश विदेश तक से आते हैं। इस कारण इस दिन लगने वाले मेले को राज्य स्तरीय दर्जा मिल चुका है।
इस पर प्रदेश सरकार ने यहां पर होने वाले विकास कार्यों का प्रस्ताव मांगा था। जिला प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। अब विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार ने बजट में व्यवस्था कर दी है। इससे यहां पर विकास कार्यों की गंगा बहेगी।
जिसमें मां ललिता देवी मंदिर, चक्रतीर्थ, रुद्वावत मंदिर, देवदेवेश्वर मंदिर सहित मेला मार्ग पर विकास कार्य होंगे। इससे यहां के साधु-संत बहुत प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार घोषणा तो खूब करती है पर काम धरातल पर नहीं दिखाई देते हैं। बजट तभी सार्थक होगा जब जमीन पर काम दिखाई दे।
यह होंगे विकास कार्य
देवदेवेश्वर मंदिर व रुद्वावत मंदिर के मेला क्षेत्र में हाईमॉस्ट लाइट लगवाई जाएगी। इसके अलावा मेला मार्ग पर 50 कंक्रीट की बेंच बनवाई जाएगी। रुद्वावत मंदिर मार्ग पर इंटरलॉकिंग होगी। नैमिष के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए वीडियो, बुकलेट, फोटोग्राफ बनाए जाएंगे।
जल निगम द्वारा यह भेजे गए हैं प्रस्ताव
दधीचि कुंड के जल की साफ सफाई के लिए 2.74 लाख, देवदेवेश्वर मंदिर पर पेयजल व्यवस्था के लिए 16.69 लाख, मां ललिता देवी मंदिर पर साफ सफाई के लिए 12.31 लाख, कांशीकुंड पर पेयजल व्यवस्था के लिए 19 लाख, रुद्वावत मंदिर पर पेयजल के लिए 16.69 लाख रुपये खर्च होंगे।
84 कोसीय परिक्रमा पड़ाव पर बढ़ेगी सुविधाएं
84 कोसीय परिक्रमा मार्ग के कोरौना पड़ाव स्थल पर पेयजल योजना के लिए 314 लाख, देवगवा पड़ाव स्थल पर ग्रामीण पेयजल योजना के लिए 189.54 लाख, मड़रुवा पड़ाव पर ग्रामीण पेयजल योजना के तहत 263 लाख, जरिगवां ग्रामीण पेयजल योजना के लिए 287 लाख व कलुवा बरेठी पड़ाव पर पेयजल के लिए 171 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। अब इन प्रस्तावों के पंख लगेंगे। बजट मिलते ही विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।