आरपीएफ ने जिला महिला अस्पताल में कराया भर्ती
सीतापुर। इंसानियत उस समय शर्मसार हो गई जब एक नवजात बच्ची ट्रेन के डस्टबिन से मिली। आरपीएफ को रुटीन चेकिंग में बच्ची मिलने पर पहले ट्रेन में मुसाफिरों से पूछताछ की गई। वारिस नहीं मिला तो आरपीएफ ने जिला महिला अस्पताल में बच्ची को भर्ती करा दिया। चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्ची को डॉक्टर अब स्वस्थ बता रहे हैं। पुलिस ने बच्ची के माता-पिता की तलाश शुरू कर दी है।
शहर के रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह बरौनी से जम्मूतवी जा रही मौर्यध्वज एक्सप्रेस आकर रुकी। आरपीएफ के एसओ डीके सिंह अपने मातहतों के साथ ट्रेन की रुटीन चेकिंग करने लगे। इसी बीच गाड़ी संख्या 12491 के एसी बी-1 कोच में टॉयलेट के पास रखे डस्टबिन से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वह लोग ठिठक गए।
डस्टबिन में देखने पर उसके अंदर कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची नजर आई। यह नजारा देख हैरान आरपीएफ जवानों ने उसे बाहर निकालकर बोगी में पूछताछ शुरू की। मगर कोई भी मुसाफिर बच्ची के संबंध में कुछ जानकारी नहीं दे पाया। इस पर आरपीएफ जवानों को समझते देर नहीं लगी कि बच्ची को जान बूझकर कचरे में फेंका गया है।
आरपीएफ एसओ ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इस अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल ने बताया कि बच्ची का वजन 2 किलो 400 ग्राम है। इसका जन्म एक-दो दिन में ही हुआ है। बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है। वारिस नहीं मिलने पर उसे महिला हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया जाएगा।