फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में डेंगू के मिले सात मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
17 संदिग्ध की हो रही जांच, अब तक दो की डेंगू से हो चुकी है मौत
विज्ञापन

सीतापुर। जिले में डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। अब तक 24 मरीजों को डेंगू होने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन मरीजों की जांच में सात को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 17 मरीजों की जांच प्रक्रिया चल रही है। वहीं अब तक दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग किसी भी मौत से इंकार कर रहा है।

बता दें कि डेंगू बुखार मच्छर के काटने से होता है। यह बीमारी अधिकतर अक्तूबर माह में ही फैलती है। इस बीमारी ने जिले में पांव पसारना शुरू कर दिया है। शहर से लेकर गांव कस्बों तक में यह बीमारी फैल रही है। जिलेे के स्वास्थ्य विभाग को 24 मरीजों के डेंगू होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन


इस पर मरीजों की जांच कराई गई। जिसमें सात मरीजों की सरकारी स्तर पर पुष्टि हो चुकी है। अन्य 17 मरीज सरकारी जांच से गुजर रहे हैं। यह आंकड़ा सरकारी मशीनरी का है। जबकि इस बीमारी से इससे अधिक लोग चपेट में आ चुके हैं।

यह वो मरीज है जिन्होंने प्राइवेट अस्पताल में दिखाया या गैर जिले में रहकर इलाज करा रहे हैं। इनकी पुख्ता आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। वहीं मिश्रिख व सिधौली में दो लोगों की डेंगू से मौत भी हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस बीमारी से मरने वालों की कोई सूचना नहीं है।

क्या है लक्षण
जिला अस्पताल के डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि डेंगू एक बीमारी हैं, जो एडीज मच्छरों के काटने से होती हैं। इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर पर लाल-लाल चकत्ते दिखाई पड़ते हैं। इसमें बुखार बहुत तेज आता है और सिर में बड़ी तेजी से दर्द होता है।

बॉडी पेन के साथ शरीर के जोड़ों में भी दर्द होता है। उल्टी होने लगती हैं भूख नहीं लगती है। बॉडी में प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। लीवर और सीने में फ्लूइड जमा हो जाता है। अगर यह सब लक्षण दिखे तो उसे फौरन ब्लड की जांच करानी चाहिए।

यह है बचाव
डॉ. जेएन सिंह ने बताया कि इस रोग से बचने के लिए आप अपने आसपास मच्छरों को पनपने ना दें। डेंगू का मच्छर सामान्य तौर पर दोपहर यानी दिन में काटता है। अपने घर में और घर के आसपास सफाई रखें पानी को जमा न होने दें।

चाहे वह कूलर का पानी हो या फूल के गमले का या बाल्टी का पानी। पानी को खाली करते रहना और साफ रखना चाहिए। अगर खुले में सोना मजबूरी है तो मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर में हमेशा मच्छर को भगाने वाली अगरबत्ती का प्रयोग करें। घर में घूप बत्ती जलाकर रखें ताकि वातावरण शुद्ध रहे।

शहर में जगह-जगह गंदगी दे रही बीमारी को दावत
शहर में जगह-जगह पर गंदगी फैली हुई है। इसकी हकीकत सिटी मजिस्ट्रेट के शुक्रवार को हुए औचक मुआयने में सामने आई थी। जब गंदगी फैली है तो मच्छर भी खूब पनप रहे हैं। इसकी वजह से डेंगू फैलने का खतरा बना हुआ है।

लेकिन जिम्मेदार इस गंदगी को साफ नहीं करा पा रहे हैं। जबकि नगर पालिका में भारी भरकम चार सौ से अधिक सफाई कर्मचारी नियुक्ति हैं। इस लापरवाही का खामियाजा बाशिंदों को भुगतना पड़ सकता है।

नहीं हो रही फॉगिंग
मौसम जनित बीमारियां से निपटने के लिए डीएम ने फॉगिंग कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसका असर कहीं नहीं दिखाई पड़ा। कुछ वीआईपी जगह पर ही फॉगिंग कराकर पूरे शहर में फॉगिंग कराने की बात कही जा रही है। जबकि बाशिंदों का कहना है कि कई बार शिकायत भी की, फिर भी फॉगिंग नहीं हो सकी है। इससे मच्छरों का प्रकोप फैला हुआ है।
विज्ञापन


जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड ही है गंदगी का शिकार
जिला अस्पताल परिसर में अलग से एक डेंगू वार्ड बनाया गया है। लेकिन इस वार्ड में ही गंदगी फैली हुई है। बेड पर गंदी व फटी हुई चादरें बिछी हुई है। वार्ड व उसके आसपास गंदगी फैली हुई है। इससे मरीजों को अस्पताल में ही स्वस्थ्य वातावरण नहीं मिल पा रहा है। सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल का कहना है कि वार्ड की सफाई कराई जाती है। मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है।

मरीजों की चल रही जांच
जिले में सात मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अन्य मरीजों की जांच चल रही है। इस बीमारी से किसी की मौत की सूचना नहीं है।
-डॉ. सुरेंद्र सिंह, एसीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें