सीतापुर। गोंदलामऊ विकासखंड में बुखार से हालात सुधर नहीं रहे है। दिन प्रतिदिन बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। करीब एक माह पहले नटवलग्रंट से शुरू हुआ बुखार अब 12 से अधिक गांवों में फैल चुका है। इन गांवों में रोजाना मौत हो रही है और नए मरीज सामने आ रहे हैं। फिर भी जिला प्रशासन इन मौतों पर पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग बुखार से नहीं ,बल्कि अन्य बीमारियों से मौत होने की बात कर रहा था, लेकिन अब मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो रही है। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है। फिर भी गांवों में साफ-सफाई व एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों में जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।
नटवलग्रंट, नगवा जयराम, सैदापुर, लक्ष्मनपुर, महराजनगर, कुनेरा, डेंगरा, बबुरीखेड़ा सहित 12 से अधिक गांव बुखार की चपेट में आ चुके हैं। करीब एक माह पहले नटवलग्रंट से बुखार की शुरुआत हुई थी। शुरुआत में एक-दो मौतें हुई तो स्वास्थ्य विभाग बुखार से इन्कार करता रहा। जब मौतो ंका सिलसिला नहीं थमा तो पूरे प्रदेश में हायतौबा मच गई।
लखनऊ, जिला अस्पताल व प्राइवेट चिकित्सकों का दल गांव पहुंचा तो जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया की गहनता से जांच कराई। जिसमें अब तक 200 से अधिक मरीजों के ब्लॅड सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें 37 लोगों को मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। इन सभी का सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
वहीं, सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर का कहना है कि मलेरिया मच्छरों के काटने से होता है। मच्छर का प्रकोप तभी थमेगा, जब आसपास गंदगी एकत्र नहीं होगी। लेकिन इन गांवों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिला प्रशासन यहां पर सफाई तक नहीं करा सका है। केवल नटवलग्रंट में ही सफाई हुई थी। वह भी जब सीनियर अफसर गांव की ओर रुख करने लगे थे।
सीडीओ ने भी नाराजगी जताई थी। फिर भी हालत नहीं सुधर रहे हैं। इससे ग्रामीण में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, रविवार को सीएचसी गोंदलामऊ की टीम ने नटवलग्रंट, नगवा जयराम, सैदापुर, लक्ष्मनपुर, महराजनगर आदि गांवों में भ्रमण कर दवाई बांटी। सबसे अधिक प्रभावित नटवलग्रंट गांव है, वहीं आसपास के गांवों में अब यह बीमारी तेजी से फैल रही है।
लगाए जा रहे हैं कैंप
37 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। पहले सैंपल लिए गए थे। उस समय मलेरिया नहीं था। गांवों में टीमें रोजाना जा रही हैं। कैंप लगाए जाए रहे हैं। मलेरिया की पुष्टि होने पर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। कुछ मौतें झोलाछाप से इलाज कराने से हुई हैं।
डॉ. धीरज मिश्र, सीएचसी अधीक्षक गोंदलामऊ
मलेरिया के सामने आए दो मरीज
कल्लीचौराहा। गोदलामऊ इलाके के कल्ली में रविवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. स्वतंत्र कुमार मिश्र, सीएचसी अधीक्षक मिश्रिख डॉ. प्रखर श्रीवास्तव की टीम ने पहुंचकर 62 मरीजों का चेकअप किया। 31 मरीजों के ब्लॅड सैंपल भरे। डॉ. प्रखर श्रीवास्तव ने बताया जांच में दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। उन्होंने मरीजों से अपील की वह झोलाछाप से इलाज न कराएं। कोई दिक्कत होने पर निकट के सरकारी अस्पताल पर पहुंचकर इलाज कराएं।
आज आएगी राज्य स्तरीय टीम
सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया कि प्रमुख सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय हाई लेबल टीम आज जिले के दौरे पर आएगी। यह टीम बुखार से पीड़ित गोंदलामऊ व खैराबाद विकासखंड के गांवों का दौरा करेंगी। यह टीम अपने साथ जांच की किट व दवा लाएगी। मौके पर ही मरीजों की जांच करके दवाएं वितरित की जाएंगी। उसके बाद टीम सीधे शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। जनपद आगमन पर टीम सबसे पहले डीएम से मुलाकात करेंगी। टीम के साथ सीएमओ पूरे दिन मौजूद रहकर उनको अब तक प्रभावित गांवों में किए गए इलाज की जानकारी देंगे। टीम गांव जाकर स्थलीय सत्यापन भी करेगी।