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विकराल हो रही घाघरा, समा रहे आशियाने

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शारदा का भी बढ़ रहा जलस्तर, बैराजों से छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी
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रेउसा/ सीतापुर। जिले के गांजरी इलाके में घाघरा दिन पर दिन विकराल होती जा रही है। तटीय क्षेत्र के आशियाने कटकर नदी में समा रहे हैं। वहीं नदी का पानी क्षेत्र के खेतों को भी अपनी आगोश में ले रहा है। हालत यह है कि घाघरा के साथ ही अब शारदा नदी का जलस्तर भी बढ़ता जा रहा है।

उधर पहाड़ों पर हो रही जबरदस्त बारिश तटीय क्षेत्र के बाशिंदों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से आगे भी राहत मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को भी शारदा व घाघरा बैराजों से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे आगे भी जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
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कोनी गांव के निकट नदी खेती की जमीन का जबरदस्त कटान कर रही है। दुर्गा पुरवा निवासी शिवदीन, रामहेत, माया देवी, वेदराम, चंदा देवी, तीरथराम आदि किसानों की खेती कोनी गांव के निकट मौजूद है। बीते चौबीस घंटे में घाघरा ने इन किसानों की 31 बीघा जमीन को काटकर निगल लिया है।

उधर पासिनपुरवा के निकट नदी ने जगदेई, पुतान, दिनेश, राजेंद्र, रामदर्शन आदि ग्रामीणों की झोपड़ी व जमीन को निगल लिया है। कटान से पहले ही ये परिवार झोपड़ियों को खाली करके म्योड़ी छोलहा मार्ग पर आ चुके थे। इससे जनहानि नहीं हुई। दूसरी तरफ अंधपुर गांव के करीब नदी ने कटान करके पप्पू व व वेदराम की झोपड़ियों को निगल लिया।

कोनी, दुर्गा पुरवा, परमेश्वर पुरवा आदि सात गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। लोध पुरवा गांव के निकट नदी की बाढ़ का पानी खेतों में जमा हो रहा है। क्षेत्र के सभी बरसाती नाले उफना रहे हैं। इन नालों से बाढ़ का पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है।

क्षेत्र की दो हजार बीघे से अधिक की खेती बाढ़ के पानी की चपेट में है। जहां नदी रौद्र रूप धारण किए हुए हैं। वहीं गुरुवार को घाघरा व शारदा बैराजों से 2,55,229 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे नदी के जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

अभी तक जहां सिर्फ घाघरा ही उफना रही थी। वहीं शारदा के जलस्तर में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इससे लहरपुर क्षेत्र में सोंसरी गांव के निकट नदी में ऊंची-ऊंची लहरें उठती नजर आ रही हैं। यहां मौजूद स्टडों को एक बार फिर से खतरा नजर आ रहा है। नदी का पानी पूरे वेग से बह रहा है।

बढ़ रहा जलस्तर
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी की यही रफ्तार रही तो बाढ़ आ जाएगी। प्रशासन नजर रख रहा है, जरूरत पड़ते ही मदद की जाएगी।
-शशिभूषण राय, एसडीएम

विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों ने किया दौरा
सीतापुर। नदियों के बढ़ते जलस्तर से न सिर्फ तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप है। बल्कि उस क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी चिंतित नजर आ रहे हैं। यही वजह रही कि शुक्रवार को सेवता विधायक ज्ञान तिवारी प्रशासनिक अमले के साथ तटीय क्षेत्र का भ्रमण करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मदद के लिए तैयार रहने को कहा।

विधायक ने क्षेत्र काशीपुर मल्लापुर पहुंचकर नदी का वेग देखा। वहां मौजूद बाशिंदों से हाल जाना और संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसी तरह से विधायक ने चहलारी क्षेत्र में घाघरा का हाल देखा। उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही प्रशासन के अफसरों से बाढ़ के विषय को लेकर चर्चा की।

विधायक ने कहा कि बाढ़ जैसी दैवीय आपदा को लेकर अभी से एहतियाती कदम उठाए जाएं। जिससे कि बाढ़ के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े । विधायक ने कहा इस बार बाढ़ चौकी पर सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

लोगों को बाढ़ के दौरान राहत का वितरण पारदर्शी तरीके से कराया जाएगा। इसको लेकर राजस्व कर्मियों को अभी से काम करने को कहा गया है। चहलारी घाट पुल पर बाढ़ की तैयारियों को लेकर विधायक ने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन अभी से सतर्क है।
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संभावित स्थानों पर सिंचाई विभाग की टीम काम कर रही है। जिससे कि लोगों को कटान की कठिनाई झेलनी ना पड़े। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि ओम प्रकाश मिश्रा, तहसीलदार गिरीश झा, आरसी अवस्थी, ब्रह्म प्रकाश, अशोक कुमार मौजूद थे।
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