संपर्क मार्गों व घरों के अंदर भरा पानी, क्षेत्रवासियों को पेश आईं दिक्कतें
सीतापुर। जिले में गुरुवार रात झमाझम हुई बारिश ने शहर के जलनिकासी की पोल खोलकर रख दी। एक सप्ताह पहले हुए जलभराव के बाद भी नगरपालिका ने कोई सबक नहीं लिया। हालात यह रहे दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में निकलने वाले रास्तों पर पानी भर गया।
खाली पड़े प्लॉट तालाब बने नजर आए। कई लोगों के घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। इससे सुबह बाशिंदों को बहुत दिक्कतें हुई। लोगों ने खुद ही घर के अंदर से पानी निकाला। वही रास्तों पर पानी भरा रहा। एक सप्ताह पहले हुई बारिश से शहर के दो दर्जन मोहल्ले जलभराव का शिकार हो गए थे।
इससे यहां पर तीन से चार दिन बाद पानी सूखने के बाद हालात सामान्य हो पाए थे। गुरुवार को फिर से तेज बारिश हो गई। इससे विकास नगर, खूबपुर, पूर्णागिरि नगर, मुंशीगंज, श्यामनाथ कालोनी, भार्गव कालोनी, विश्रामनगर, विजयलक्ष्मीनगर, लोहारबाग, सरदार कॉलोनी सहित करीब दो दर्जन मोहल्लों में जलभराव हो गया।
इससे यहां जलनिकासी के रास्ते सभी ठप हो गए और सड़कों के ऊपर पानी भर गया। जहां पर भी खाली प्लाट पड़े थे उनमें गंदा पानी भरने से वे तालाब सरीखे नजर आए। इससे संपर्क मार्गों के ऊपर अभी भी पानी भर गया है। इस गंदे पानी के बीच से होकर लोग निकलने को मजबूर रहे।
इसके अलावा बरसात का पानी कुछ घरों के अंदर तक पहुंच गया। इससे बाशिंदों घर के अंदर से पानी निकलने को जूझते रहे। बाशिंदों ने नगर पालिका में शिकायत भी दर्ज कराई। फिर भी जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं हो सका। सबसे ज्यादा दिक्कत खूबपुर व विकास नगर के रहे।
यहां पर अधिकांश गलियों में पानी भरा रहा। गल्ला मंडी के सामने से जाने वाला मार्ग पानी से लबालब भरा हुआ है। इस पानी के बीच से होकर वाहन निकल रहे हैं। इस गली के दुकानदारों ने पानी की वजह से दुकानें बंद कर दी हैं।
नवविकसित कॉलोनियों में है समस्या
जिन मोहल्लों में जलभराव की शिकायत है। यह सभी नवविकसित कॉलोनियां हैं। खूबपुर व विकासनगर में नाला निर्माण के लिए शासन को करीब सात करोड़ का स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। अभी तक बजट नहीं मिल सका है।
-निहाल चंद, ईओ, नगर पालिका