विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सीडीओ, डीपीआरओ व डीसीओ को जमकर लगाई फटकार
सीतापुर। ...आप जिले की मुखिया हैं। प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रखना आपकी जिम्मेदारी है। एक महीने में अफसरों की कार्यशैली में सुधार नही हुआ तो आपकी जवाबदेही तय की जाएगी। योगी सरकार की कबीना मंत्री व जिला प्रभारी रीता बहुगुणा जोशी विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कुछ इसी अंदाज में डीएम डा. सारिका मोहन से रूबरू हुईं।
गुरुवार को यहां पहुंची प्रभारी मंत्री कलेक्ट्रेट सभागार में अफसरों पर खूब बिफरीं। उनसे सवाल-जवाब के दौरान सीडीओ, डीपीआरओ, डीसीओ को जमकर फटकार लगाई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मैं आप लोगों के कार्यों से पूरी तरह से संतुष्ट नही हूं। डीपीआरओ को जल्द कार्यशैली न सुधारने पर सस्पेंड कराने की चेतावनी दे डाली।
अफसरों की आरामतलबी पर बिफरते हुए प्रभारी मंत्री ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नही होगी। उन्होंने अफसरों से कहा कि विधायकों की शिकायतों पर 15 दिन के अंदर लिखित जवाब देना सुनिश्चित करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
उन्होंने निर्देश दिये कि सभी जनप्रतिनिधियों को अब तक हुयी प्रगति की रिपोर्ट तथा कार्ययोजना की प्रति उपलब्ध करा दी जाए ताकि क्षेत्र भ्रमण के समय सांसद, विधायकगण उस योजना से संबंधित किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर सकें। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने शौचालय निर्माण के बारे में जानकारी ली।
डीपीआरओ उपेन्द्र राज ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की वार्षिक कार्ययोजना में एक लाख शौचालय निर्माण का लक्ष्य प्रस्तावित है। जिले में कुल 1601 ग्राम पंचायतों में से 636 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त किया जाना है। इसी बीच विधायक सेवता ज्ञान तिवारी ने कहा जिन शौचालयों का ब्यौरा दिया जा रहा है, गांव जाकर कभी उनकी हालत देखी है।
जागरूकता की कमी से शौचालयों में लकड़ी व कंडे भरे जाते हैं। उनका उपयोग नही किया जा रहा। इस पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ को फटकार लगाते हुए कार्यशैली सुधारने की हिदायत दी। जो शौचालय बने हैं उनकी जीओ टैगिंग न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री बोलीं कि यही हाल रहा तो सस्पेंड करवाना पड़ेगा।
सभी जनप्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारियों की शिकायत करते हुए कहा कि एडीओ पंचायत मनमाने तरीके से उनकी हाजिरी लगाकर वेतन निकलवा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि एक महीने के अन्दर इसमें सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि जिले का भ्रमण कर स्थिति को सुधारें।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना की समीक्षा में अधिशासी अभियन्ता विद्युत ने बताया कि 4255 गांव में विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 2994 गांवों का विद्युतीकरण कर कनेक्शन निर्गत कर दिये गये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में परियोजना निदेशक डीआरडीए ने बताया कि वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में 70,958 का लक्ष्य निर्धारित था।
जिसके सापेक्ष 70,217 की प्रथम किस्त निर्गत की जा चुकी है। जबकि 62,000 प्रधानमंत्री आवासों को दूसरी किस्त भी निर्गत कर दी गयी है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सीएमओ ने बताया कि अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों की कमी है। जिले में ट्रामा सेन्टर की बिल्डिंग बनकर तैयार है लेकिन अभी तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुयी व स्ट्रूमेंट नही हैं।
प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को शासन में तुरन्त डिमान्ड भेजने के निर्देश दिए। मंत्री ने माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा की समीक्षा के दौरान स्वेटर बंटने की स्थिति का जायजा लिया। गन्ना विभाग की समीक्षा के दौरान पाया कि 7 करोड़ का भुगतान किसानों का बकाया है। गन्ना अधिकारी ने बताया कि 40 गन्ना क्रय केन्द्र तथा कुछ गेटों का भी निरीक्षण उनके द्वारा किया गया है।
कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर वह संतोष जनक उत्तर नही दे सके। इस पर डीसीओ को फटकार लगाते हुए कार्य में सुधार की चेतावनी दी। सड़कें गड्ढामुक्त कराए जाने के अभियान की समीक्षा पर अधिशासी अभियन्ता पीडब्लूडी ने बताया कि 2311.45 किमी. का लक्ष्य निर्धारित था उसे पूरा कर लिया गया है। सीडीओ अरविंद चौरसिया से कई बिदुंओं पर सवाल किए।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आपकी कार्यशैली भी गड़बड़ है। कुछ नही करते हैं। इस तरह नही चलेगा। रवैया सुधारें। बैठक में एडीएम विनय पाठक, एसपी आनंद कुलकर्णी, सांसद रेखा वर्मा, विधायक सुरेश राही, सुनील वर्मा, राकेश राठौर, शशांक त्रिवेदी, रामकृष्ण भार्गव, महेन्द्र सिंह, नरेन्द्र वर्मा हरगोविंद भार्गव आदि मौजूद थे।
दिव्यांगों को वितरित की ट्राई साइकिल
प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने 50 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान की। जिले पाकर दिव्यांगों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। इसके अलावा निराश्रित व असहायों को कंबलों का वितरण भी किया। इसी दौरान प्रभारी मंत्री ने पुलिस लाइन के प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को स्वेटर भी वितरित किए।
बाढ़ पीड़ितों की नहीं सुनी फरियाद
कटान रोको संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बाढ़ प्रभावित सैकड़ों ग्रामीण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीण उस समय अवाक रह गए जब मंत्री ने उनकी बात सुने बगैर लखनऊ आने का फरमान सुना दिया।
मंत्री की इस संवेदनहीनता पर बाढ़ प्रभावितों में गहरी नाराजगी दिखी। उनकी अगुवाई कर रही रिचा सिंह ने कहा कि वह प्रभारी मंत्री के व्यवहार से संतुष्ट नही हैं। आश्वासन का झुनझुना देकर चली गईं। पहले भी ऐसा हो चुका है। राहत के नाम पर कुछ नही मिलता।
खनन का मुद्दा गर्माया
लहरपुर तहसील क्षेत्र के रतौली गांव से भारी संख्या में ग्रामीणों ने यहां आकर प्रभारी मंत्री से अवैध खनन की शिकायत की। इस पर भाजपा के दो विधायक ही आपस में भिड़ गए। मसला गर्माता देख प्रभारी मंत्री ने खनन अधिकारी को फटकारते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।