जहांगीराबाद में मरीजों का सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
सीतापुर। बिसवां विकासखंड के जहांगीराबाद गांव में हेपेटाइटिस सी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक ही परिवार में मिले 11 संक्रमितों के बाद पड़ोसियों के यहां हुई जांच में भी 21 नए संक्रमित मिले हैं। इन सभी मरीजों की क्रास चेकिंग कराते हुए वायरल लोड की जांच करवाई जाएगी। वहीं, राज्य मुख्यालय की टीम भी जांच के लिए शनिवार को आ सकती है।
रामू चौरसिया की पत्नी सावित्री को पथरी का आपरेशन कराना था। इस पर उन्होंने हेपेटाइटिस की जांच करवाई थी। इसमें सावित्री संक्रमित मिली थी। इसके बाद पूरे परिवार की जांच कराई। इसमें रामू, बेटी, माता, पिता, भाई, भाई की पत्नी व पुत्री समेत 11 लोग हेपेटाइटिस सी से संक्रमित मिले थे। एक साथ पूरा परिवार संक्रमित होने के बाद बृहस्पतिवार को आस पड़ोस में रहने वाले 130 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए थे। इन मरीजों की शुक्रवार को जांच रिपोर्ट आई। इसमें 21 लोग और हेपेटाइटिस सी संक्रमित मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की राज्य मुख्यालय की टीम ने इसका संज्ञान लेते हुए सीएमओ से इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है। राज्य मुख्यालय की टीम मौका मुआयना करने शनिवार को आ सकती है। जिला सर्विलास अधिकारी डॉ. दीपेंद्र वर्मा ने बताया कि पहले चरण में मरीजों का इलाज शुरू करवाना प्राथमिकता है। उसके बाद इसके कारण जानने की कोशिश की जाएगी।
सीएमओ डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि हेपेटाइटिस मरीजों को लेकर शासन स्तर से जानकारी मांगी गई थी। इसे उपलब्ध करवा दिया गया है। संक्रमित मरीजों की जिला अस्पताल से जांच करवाकर इलाज शुरू करवाया जाएगा।
बढ़ेगा जांच का दायरा
पहले चरण में रामू के घर के आसपास जांच करवाई गई तो 21 और संक्रमित मिले है। अब इनके घर के आसपास 32 लोग संक्रमित मिले चुके है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गांव में अभी और मरीज मिल सकते है। इसलिए अब पूरे गांव के लोगों की स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। रामू के घर से दूर रहने वाले लोगों की भी जांच करवाई जाएगी। इसके बाद अगले चरण की कार्रवाई तय होगी।
सोनसरी के बाद एक साथ मिले इतने मरीज
बेहटा के सोनसरी गांव में हेपेटाइटिस सी के एक साथ 141 मरीज मिले थे। इसके बाद केंद्रीय व राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने यहां पर डेरा डाला था। करीब 15 दिन तक स्क्रीनिंग की थी। इसके बाद भी हेपेटाइटिस फैलने का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका था। अब जहांगीराबाद गांव दूसरा स्थान बन गया है। जहां पर एक साथ 32 मरीज मिले है।