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36 मरीजों में मिले मलेरिया के लक्षण

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इलाके में दो सौ से अधिक लोग बुखार की चपेट में
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औरंगाबाद/सीतापुर। गोंदलामऊ विकासखंड में बुखार से दो सौ से अधिक लोग बीमार चल रहे हैं। शनिवार को राज्य स्तरीय दल ने गांवों का भ्रमण कर मरीजों का हालचाल लिया। जांच में 36 मरीज मलेरिया के सामने आए। इनको दवाएं वितरित की गई।

गोंदलामऊ में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। इसके चलते अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को संयुक्त निदेशक डॉ. सचिन वैश्य, वरिष्ठ कीट विज्ञानी डॉ. मानवेंद्र त्रिपाठी व सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने जोगियाहार, नगवा जयराम व नटवलग्रंट का निरीक्षण किया। यहां पर 487 मरीजों का चेकअप किया। जिसमें 36 मरीज मलेरिया से ग्रसित मिले।
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सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया कि जिले व ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमें रोजाना प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं। मरीजों को दवाएं वितरित कर उनका चेकअप किया जा रहा है। वहीं राज्य स्तरीय टीम ने गोंदलामऊ व परसेंडी इलाके के स्वास्थ्य शिविरों का भ्रमण किया। सीएमओ ने बताया कि कल जितनी भी मौतें हुई थीं। इसमें से किसी को भी मलेरिया व वेक्टरजनित रोग से नहीं था।

बिना टीका लगाए चढ़ाए जा रहे टीके
जहांगीराबाद। बिसवां सीएचसी के तहत जहांगीराबाद इलाके में बिना टीका लगाए ही कार्ड पर अंकित किए जा रहे हैं। एक पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की है। बिसवां विकासखंड के गोधनी सरैंय्या गांव के आंगनबाड़ी केन्द्र में टीकाकरण शिविर में रेनू मिश्रा अपना मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड लेकर पुत्री वैशाली को टीका लगाने पहुंचीं।

यहां पर बिना टीके की खुराक दिये ही नौ माह पर लगने वाले तीनों टीकें चढ़ा दिए। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। इस पर पति कमलाकांत ने अफसरों से शिकायत की है।

1 से 15 के बीच चलेगा अभियान
सीतापुर। एक अक्तूबर से 15 अक्तूबर के मध्य संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। इसको लेकर शनिवार को एसीएमओ वेक्टर बार्न डॉ. सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ेे का जनपद स्तरीय एक दिवसीय सवेंदीयकरण कार्यशाला हुई।
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जिसमें संचारी रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार पर नियंत्रण एवं सुचारु उपचार के लिए प्रभावी उपाय बताए गए। साथ ही इन रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने का प्लान बताया। उन्होंने साफ सफाई, कचड़ा निस्तारण, जलभराव व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों संग व्यापक प्रयास करने की रणनीति तय की गई।
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