बरमी (सीतापुर)। अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत रविवार को मिश्रिख क्षेत्र के बरमी गांव में नारी सशक्तीकरण विषय पर आयोजित परिचर्चा में महिलाओं ने खुलकर अपनी राय रखी।
कहा कि महिलाएं अपने आपको पुरुषों से कम न समझें। पुरुष जहां केवल बाहर की ही जिम्मेदारी संभालते हैं। वहीं, महिलाएं घर से लेकर बाहर तक की दोहरी जिम्मेदारी संभालती हैं। इसी वजह से उनकी महत्ता अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में महिलाओं को सशक्त होना अति आवश्यक हैं। यह सशक्तीकरण तभी आएगा, जब हम अपने आप को शिक्षित करेंगे।
उसके बाद जिम्मेदारी समझते हुए आगे बढ़ेंगे। आगे बढ़ने में बहुत सी चुनौतियां आएंगी, लेकिन हमें डिगने की जरूरत नहीं है। बल्कि अपने बुलंद हौसले से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। इस सशक्तीकरण की शुरुआत घर से ही होती है। घर में जब कोई टीका टिप्पणी करे तो उसका बखूबी जवाब देना चाहिए। दबना नहीं चाहिए। अगर हम घर पर ही दब जाएंगे तो आगे भी दबते रहेंगे।
कमजोर न समझें
महिलाएं किसी से कम नहीं है। वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। महिलाओं को इसी तरह आगे बढ़ता रहना चाहिए।
- ऊषा सिंह
आत्मनिर्भर बनें
महिलाओं को पढ़ लिखकर स्वयं स्वावलंबी बनना चाहिए, ताकि उन्हें किसी पर निर्भर न होना पड़े और जब वह किसी पर निभर नहीं होंगी तो वह सारे काम स्वयं कर सकेगी। - गायत्री
सरकार बनाए कानून
महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार को कानून बनाना चाहिए, ताकि महिलाओं के उत्पीड़न व शोषण पर अंकुश लग सके, हालांकि सरकार सहयोग भी कर रही है। - सुशीला
प्रोत्साहन की जरूरत
प्रदेश सरकार के प्रोत्साहन से आज महिलाएं अच्छे पदों पर आसीन होकर देश का नाम रोशन कर रही हैं। महिलाओं को इसी तरह से आगे बढ़ते रहना चाहिए। - फूलमती
महिलाओं का करें सम्मान
महिलाओं का कभी उत्पीड़न नहीं करना चाहिए। हमेशा सम्मान देना चाहिए। जिससे महिलाओं की हिम्मत नहीं टूटेगी और वह हौसले से आगे बढ़ेंगी।
- किरन
हेल्पलाइन की लें मदद
महिलाओं का अगर कोई उत्पीड़न कर रहा है तो हमें उसकी सूचना महिला हेल्प लाइन 1090 पर देनी चाहिए। हमें उम्मीद है कि कानून उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। - राधा
सशक्त बनें महिलाएं
महिलाओं को पढ़-लिखकर स्वयं सशक्त होना चाहिए। एक सशक्त नारी कोई भी कार्य स्वयं कर सकती है। उसे किसी भी प्रकार डर न होगा और वह निडर रहेगी। - किरन देवी।
बेवजह न बनाएं दबाव
महिलाओं पर बेवजह घरेलू दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्हें स्वयं कार्य करने की छूट देनी चाहिए। जिससे वह किसी की सहायता के लिए रुके नहीं। आगे बढ़े और अपनी मंजिल हासिल करें। - सुनीता
कानून को अमल में लाएं
महिलाओं पर घरेलू हिंसा व उत्पीड़न को रोकने को सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए और उन पर अमल भी करे, क्योंकि सरकार कानून तो बना देती है। पर उस पर कार्रवाई नहीं करती। - मीना
पुरुषों के बराबर चल रहीं महिलाएं
महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार संवेदनशील है। सरकार के प्रयास से महिलाएं आज आगे बढ़ रही है। आजकल महिलाएं पुरुषों से कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। - रामरती
महिलाओं का करें सहयोग
पुरुषों द्वारा महिलाओं पर घरेलू दबाव नहीं बनाना चाहिए। हर मामले में सहयोग करना चाहिए। महिलाओं के मन की बात जानकर उनका सहयोग करना चाहिए। - नेहा
शिक्षित हों महिलाएं
जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां पर देवता भी निवास करते है। अगर समाज को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को शिक्षित करना जरूरी है ।
- बीनू सिंह