महमूदाबाद इलाके में चलाया गया चेकिंग अभियान, 15 सीज
महमूदाबाद (सीतापुर)। गांजरी इलाके की सड़कों पर अनफिट वाहन फर्राटा भरते पाए गए। किसी वाहन के पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं था तो किसी ने रोड टैक्स नहीं जमा किया था। यही नहीं किसी के पास वाहन दस्तावेज कंप्लीट नहीं थे।
डीएम के फरमान पर मंगलवार को महमूदाबाद इलाके में एसडीएम महमूदाबाद व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के संयुक्त तालमेल से चलाए गए चेकिंग अभियान में यह नजारा देखने को मिला। इस पर 15 वाहनों को सीज कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।
डीएम शीतल वर्मा के निर्देश पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी संतोष राय, एआरटीओ सीतापुर डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने सीओ अंकित कुमार व पालिका ईओ शैलेन्द्र दुबे के साथ महमूदाबाद कस्बे में डग्गामार वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया।
इसमें महमूदाबाद बस स्टॉप पर खड़ी परिवहन निगम की अनुबंधित बाराबंकी डिपो की बस की जांच की। इस जांच में बस का टैक्स जमा नहीं मिला। इसी तरह महमूदाबाद बस स्टॉप से मात्र दो सौ मीटर दूरी पर एक प्राइवेट बस भी सवारी भरकर लखनऊ जाती पाई गई। जिसे कब्जे में ले लिया।
इसके अलावा टीम ने पैंतेपुर मार्ग व तम्बौर मार्ग पर चलने वाली दो प्राइवेट बसों की जांच की। इनके पास वाहन के प्रपत्र पूर्ण नहीं मिले। इस पर दोनों बसों को सीज करने की कार्रवाई की। छापेमार कार्यवाही में आठ मैजिक व दो वैन को भी पकड़ा। ये वाहन सवारियां भर कर ढो रहे थे।
पेपर पूरे न होने पर इन्हें भी सीज कर महमूदाबाद पुलिस के हवाले कर दिया। इसके अलावा धान लदी तीन पिकअप भी पकड़ी। जांच में मण्डी शुल्क जमा न होने पर इन्हें सीज कर दिया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि उक्त अभियान लगातार चलता रहेगा।
जल्द ही स्कूली वाहनों की भी चेकिंग की जाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से गुजारिश की है कि वह अगर वाहनों में कोई कमी है तो उन्हें पूरी कराकर कागजात सही करवा लें। जांच के दौरान अनियमितता पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
मंडी शुल्क चोरी में पकड़े पांच वाहन
महमूदाबाद। उपजिलाधिकारी ने बाराबंकी के व्यापारियों द्वारा धान लादकर सीतापुर ले जाते समय पांच पिकअप वाहनों को पकड़ लिया। इन वाहनों पर 44 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने संतोष राय सोमवार रात को निरीक्षण कर रहे थे।
इसी बीच बाराबंकी जिले के पांच व्यापारी अलग-अलग पिकअप पर धान लादकर सीतापुर ले जा रहे थे। जांच के दौरान किसी भी व्यापारी द्वारा मण्डी शुल्क जमा नहीं किया गया था। इस पर प्रत्येक पिकअप पर जुर्माना लगाया।