भारत साक्षर मिशन योजना के तहत लोक शिक्षा केंद्रों पर रखे गए प्रेरकों को पिछले 19 महीने से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से तकरीबन 26 सौ प्रेरकों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार भारत साक्षर मिशन योजना चला रखी है। इस योजना के तहत निरक्षरों को साक्षर करना है। प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक लोक शिक्षा केंद्र की स्थापना की गई है। इन केंद्र पर प्रेरक नियुक्ति किए गए है।
इनमें एक महिला व पुरुष शामिल है। यह प्रेरक निरक्षरों को साक्षर करने का जिम्मा उठा रहे है। इसके एवज में उन्हें दो हजार रुपये मानदेय दिये जाने का प्राविधान है।
सीतापुर जनपद में यह योजना बीते फरवरी 2014 से लागू है। योजना से क्रियान्वयन के बाद केंद्रों पर नियुक्त पाए प्रेरकों को केवल एक बार ही दो माह का मानदेय मिला है।
उसके बाद से उन्हें मानदेय के नाम पर एक भी फूटी कौड़ी नहीं मिली है। इसे लेकर प्रेरक कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके है।