सुहागिनों को विधवा पेंशन देने के प्रकरण में चल रही पड़ताल
सीतापुर। जिले में सुहागिनों को विधवा पेंशन देने के मामले में पड़ताल मेें चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। नगर पालिका परिषद खैराबाद क्षेत्र की विधवा पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन ईओ की ओर से कराया गया। इसमें 403 लाभार्थियों में से 181 लाभार्थी ढूंढे नहीं मिले। इसकी विस्तृत रिपोर्ट ईओ ने सीडीओ को दी है।
जिले में विधवा पेंशन का लाभ अपात्रों को दिए जाने का मामला धीरे-धीरे एक बड़े घोटाले की ओर बढ़ रहा है। सबसे पहले सुहागिनों को विधवा पेंशन देने का खुलासा अमर उजाला ने किया। इसे विभाग एवं जिला प्रशासन ने हल्के में लिया। काफी समय तक जांच अफसरों ने जांच रिपोर्ट ही नहीं दिया।
सीडीओ संदीप कुमार की सख्ती के कारण जांच रिपोर्ट आ सकी। इसमें खबर सही पाए जाने के साथ ही जांच की संस्तुति की गई। नगर मजिस्ट्रेट पीपी उपाध्याय की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रोबेशन अफसर ने बर्खास्त आंकड़ा विश्लेषक समेत कथित दलालों के विरुद्ध शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई।
सीडीओ के निर्देश पर सभी विधवा पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें परत दर परत प्रकरण एक बड़े घोटाले की ओर बढ़ रहा है। नगर पालिका खैराबाद क्षेत्र के विधवा पेंशन पा रही 403 महिलाओं का सत्यापन ईओ एचएन उपाध्याय ने कराया। इसमें 181 लाभार्थी ढूंढे नहीं मिले।
इस संबंध में उन्होंने सत्यापन रिपोर्ट सीडीओ को भेजी है। इसकी पुष्टि ईओ ने की है। मालूम हो कि विधवा पेंशन अपात्रों को दिए जाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे इस्तेमाल किए गए। जैसे सुहागिनों को विधवा पेंशन देना, एक ही लाभार्थी के कई खातों में पेंशन की रकम भेजना, दूसरे जिले की बैंकों को पेंशन भेजना आदि शामिल है।