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उधारी के फर्नीचर से कराएंगे परीक्षा

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खुद के पास नहीं फर्नीचर मगर बन गए परीक्षा केंद्र
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सीतापुर। बोर्ड परीक्षा कराने जा रहे 15 कॉलेजों को केंद्र तो बना दिया गया है पर उनके पास खुद का फर्नीचर नहीं है। ऐसे में वह विद्यार्थियों को कहां पर बैठाएंगे, इसे लेकर वह बेहद परेशान है। डीआईओएस से उधारी का फर्नीचर दिलाने की फरियाद कर रहे है। इन हालातों में विद्यार्थी उधारी के फर्नीचर पर बैठकर एग्जाम देंगे। इन कॉलेजों में अधिकांश सरकारी कॉलेज शामिल हैं।

छह फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिले में इसके लिए 126 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों का निर्धारण इस बार सीधे शासन स्तर से हुआ है। लेकिन इसमें कई केंद्र ऐसे शामिल हो गए हैं। जिनके पास खुद का फर्नीचर नहीं है।
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हाल ये यह है कि वह पांच सौ विद्यार्थी एक साथ बैठाकर एग्जाम नहीं करा सकते हैं। जैसे-जैसे परीक्षा की तिथि नजदीक आ रही है वैसे-वैसे कॉलेज की नींद उड़ रही है। क्योंकि शासन ने सख्त हिदायत दे रखी है कि किसी भी हालात में परीक्षार्थी को जमीन पर न बैठाया जाए।

सीधे उसको फर्नीचर उपलब्ध कराया जाए। ऐसे में कॉलेज परेशान हैं। वह डीआईओएस से फर्नीचर दिलाने की गुहार लगा रहे है। जिस पर डीआईओएस ने निकटवर्ती स्कूल से फर्नीचर दिलाने का आश्वासन दिया है। इसमें अधिकांश सरकारी कॉलेज शामिल हैं।
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इन कॉलेजों के पास नहीं है फर्नीचर
गांजर इंटर कॉलेज तंबौर, सरदार पटेल इंटर कॉलेज तंबौर, स्वामी विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लालपुर बरेती, जीजीआईसी, खेमकरन इंटर कॉलेज लहरपुर, भारत इंटर कॉलेज कोरौना, एमडी इंटर कॉलेज मिश्रिख, पंत इंटर कॉलेज बम्भौरा, जीजीआईसी खैराबाद, जीआईसी सांडा, जीआईसी बीहटगौड़, जीआईसी मछरेहटा, के आसिफ पब्लिक इंटर कॉलेज सलारपुर, आदर्श जीआईसी जहांगीराबाद शामिल है। इन कॉलेजों ने 50 से लेकर 200 सेट फर्नीचर तक की मांग की है।

हो गई है व्यवस्था
इस बार केंद्रों का निर्धारण शासन स्तर से हुआ है। जिन कॉलेजों ने फर्नीचर की किल्लत बताई है। उनको निकटवर्ती स्कूल से प्रबंध करा दिया गया है।
-देवकी सिंह, डीआईओएस
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