सीतापुर। प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों के कैशलेस इलाज के लिए बजट में प्रावधान कर दिया है। इसका फायदा जिले के करीब 17 हजार शिक्षकों को मिलेगा। इसमें 15 हजार बेसिक शिक्षा व दो हजार माध्यमिक शिक्षा के शिक्षक शामिल हैं। शिक्षक लंबे समय से राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस इलाज की मांग कर रहे थे। प्रदेश सरकार ने हाल ही में कैशलेस इलाज की घोषणा की थी। इसमें शिक्षक, कर्मचारी, रसोईयों को भी शामिल किया गया है। अब सरकार ने बेसिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों के लिए 358 करोड़ व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए 89 करोड़ का बजट का भी प्रावधान किया है। इससे शिक्षकों को इलाज कराने में अब आसानी रहेगी।
स्वागत योग्य कदम
राज्य सरकार से उम्मीद करते है कि वह राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस इलाज की व्यवस्था करें। हालांकि अभी राज्य कर्मचारियों की तरह इलाज का आदेश नहीं आया है। अगर सरकार राज्य कर्मचारियों की तरह सुविधा देती है तो यह स्वागत योग्य कदम है। अगर पांच लाख तक का इलाज मिलता है तो सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। -रवींद्र दीक्षित, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
बेहतर स्वास्थ्य की गारंटी
कैशलेस इलाज की सुविधा शिक्षकों को बेहर स्वास्थ्य की गारंटी देगी। इससे शिक्षकों का आपात स्थिति में संबल बना रहेगा। वहीं, उन्हें किसी आर्थिक जोखिम का सामना नहीं उठाना पड़ेगा।
- पंकज श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट