सीतापुर। जिले में तैनात 17 सीएचसी अधीक्षकों ने मंगलवार देर शाम मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार को अपना इस्तीफा भेज दिया। सीएमओ को भेजे अपने इस्तीफे में चिकित्सा अधिकारियों ने वर्तमान परिस्थितियों में खुद को काम करने में असमर्थ बताया। पत्र में लिखा है कि वह सब सीएमओ की मांग पूरी करने में असमर्थ हैं। सभी सीमित संसाधनों व स्टॉफ के साथ काम कर रहे हैं। अब काम नहीं कर सकेंगे। जिले में 19 सीएचसी हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व सीएमओ ने दो बार पहला सीएचसी का निरीक्षण किया था। इस दौरान तत्कालीन अधीक्षक डॉ. आनंद मित्रा गैरहाजिर मिले थे। डॉ. आनंद को पहला सीएचसी से हटाकर सांडा में तैनात कर दिया गया। उनके स्थान पर पिसावां के चिकित्साधिकारी डॉ. अवनीश कुमार को भेजा गया था। सभी सीएचसी अधीक्षकों ने इसका विरोध किया। मंगलवार को सीएमओ ने एक बैठक भी बुलाई थी। उसमें योजनाओं की समीक्षा की थी। इसमें कई चिकित्सा अधीक्षकों को फटकारा था। सूत्र बताते हैं कि दबाव बनाने के लिए यह पत्र लिखा गया है। सूत्रों के अनुसार सीएमओ ने अधीक्षकों के दबाव में डॉ. आनंद मित्रा को फिर से अधीक्षक बनाने का आश्वासन दिया है। यह भी कहा है कि तुरंत हटाया है, तत्काल वापसी पर सवाल उठेंगे। बाद में एडजस्ट कर देंगे।
स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों के लाइसेंस के नाम पर भ्रष्टाचार की भी शिकायत
सूत्रों के अनुसार सीतापुर में स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों के लाइसेंस के नाम पर धन उगाही की एक शिकायत भी शासन में हुई है। इसमें भी कई चिकित्साधिकारियाें व सीएमओ पर सवाल उठाए गए हैं। बता दें कि कुछ दिन पूर्व मिश्रिख विधायक ने भी डिप्टी सीएम से सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार की शिकायत की थी। इनकी जांच के लिए डिप्टी सीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी थी। हालांकि बाद में सीएमओ ने नाराज विधायक को मना लिया था और जांच रुकवा दी थी।
पीएमए संगठन ने सीएमओ से की वार्ता
पीएमए संगठन के सचिव डॉ. धीरज मिश्रा ने बताया कि वह गोंदलामऊ में सीएचसी अधीक्षक हैं। बैठक में कई मुद्दों को लेकर सीएमओ से वार्ता हुई। वार्ता के बाद मामला एक हद तक सुलझ भी गया।