नदियां घटी, फैलने लगे संक्रामक रोग
रेउसा/थानगांव। बाढ़ का पानी कम होने के साथ अब कटान शुरू हो गई है। पानी खिसकने के साथ संक्रामक रोगों ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
लगभग 400 गांवों में सैकड़ों लोग बीमार पड़े हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। उल्टी-दस्त व बुखार जैसी शिकायतें आम हैं। उधर, घाघरा नदी टापू पर कहर बरपा रही है। सोमवार रात पचीसा गांव में दस झोपड़ियां नदी में बह गई है।
पचीसा टापू पर इन दिनों घाघरा नदी जमकर कटान कर रही है। सोमवार रात टापू पर बसे रामदास, गंगाराम, लाल बिहारी, भजनलाल, जनकलाल, मायाराम, नंगू, सतनाम, बाबू, फौजदार आदि की झोपड़ियां कटकर घाघरा नदी में बह गईं।
हालांकि कटान को देखते हुए परिवारों ने घर पहले ही खाली कर दिए थे। पचीसा टापू पर करीब 120 लोग बीमार हैं। अधिकतर बुखार से पीड़ित हैं।
कोनी व दुर्गा पुरवा गांवों में 60 लोग बुखार से पीड़ित हैं। दुर्गा पुरवा के रामनरेश, संतोष यादव, रघुवीर ने बताया कि बाढ़ का पानी हट गया है, लेकिन कीचड़ व जलभराव के कारण संक्रामक रोग फैल रहा है।
ठेकेदार पुरवा, रामलाल पुरवा, पासिनपुरवा, नई बस्ती आदि गांवों में बीमार होने वाले लोगों की संख्या 200 के आसपास है। इन गांवों में भी लोग बुखार, व उल्टी दस्त के शिकार हैं।
थानगांव इलाके में भी बाढ़ का पानी घटने के बाद संक्रामक रोगों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। बाढ़ पीड़ितों का दर्द यह है कि उनके पास रुपये बचे नहीं हैं। वहीं सरकारी अस्पताल गांवों से दूर है। नतीजा लोग इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। प्रशासन इलाज के दावे कर रहा है, लेकिन तस्वीर उलट है।