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अस्पतालों में खत्म हो गई एंटी रैबीज वैक्सीन

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अस्पतालों में खत्म हो गई एंटी रैबीज वैक्सीन
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सीतापुर। इन दिनों जिले के अस्पतालों से एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई है। बीते एक माह से यह हालत है कि एंटी रैबीज इंजेक्शन के जरूरतमंद जो भी मरीज सरकारी अस्पतालों को पहुंच रहे हैं। उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है। जिनके पास रुपया है, वो प्राइवेट मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदकर लगवा लेते हैं। गरीब मरीज इंजेक्शन आने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि अस्पतालों में खत्म एंटी रैबीज इंजेक्शन आ गए हैं। जल्द ही उन्हें अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा।
जिले की 45 लाख की आबादी के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए जिले में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 61 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं। लोगों की इलाज में दिक्कतें न हों तो अन्य दवाओं के साथ साथ एंटी रैबीज इंजेक्शन भी सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराए जाते हैं। स्वास्थ्य महकमे की मंशा यह रहती है कि किसी भी व्यक्ति को कुत्ता, बिल्ली, बंदर, सियार या अन्य जंगली जानवर काटे तो उसे इंजेक्शन लगवाने के लिए दूर तक चक्कर न लगाना पड़े। जिला अस्पताल पर निर्भर रहने के बजाय वह क्षेत्र के ही करीबी सरकारी अस्पताल में इलाज करा सके। सरकारी अस्पतालों का हाल ये है कि प्रतिदिन इन अस्पतालों में 3300 के आसपास संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इन दिनों हालत ये है कि 500 के आसपास ऐसे मरीज सरकारी अस्पतालों को पहुंच रहे हैं, जिनको एंटी रैबीज इंजेक्शन की जरूरत है जबकि सरकारी अस्पतालों की हालत ये है कि एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए जो मरीज क्षेत्र के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं, उन मरीजों को डॉक्टर जिला अस्पताल रेफर कर रहे हैं। जिला अस्पताल पहुंचने पर भी मरीज को मदद नहीं मिल रही है। यहां भी एंटी रैबीज इंजेक्शन मौजूद नहीं है। नतीजा मरीज इंजेक्शन के लिए भटकते फिर रहे हैं। ऐसे में जान बचाने के लिए लोग मेडिकल स्टोरों से इंजेक्शन खरीद कर इलाज कराने को मजबूर हैं।
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(बॉक्स)
भेड़िये ने किया जख्मी, मेडिकल स्टोर से खरीदे इंजेक्शन
थानगांव थाना क्षेत्र के ग्राम हुसैनपुर खानी निवासी संजय(45),शिवनाथ(50),प्रकाश की पत्नी लक्ष्मी देवी(35), बालकरन की पत्नी गुड्डी देवी(35), लालपुर निवासी राम सूरत की पत्नी रुकमणी देवी(55), बस्ती पुरवा निवासी हरिनाथ(55), गोबरे पुरवा निवासी जाहिद(30),कलसुम जहां(25) को भेडिय़े ने जख्मी कर दिया था। रेउसा अस्पताल पहुंचने पर उन्हें इलाज नहीं मिल सका, एंटी रैबीज के इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से लेकर लगवाने पड़े।

(बॉक्स)
बंदर ने काटा, नहीं मिली वैक्सीन
रेउसा कस्बे के बाजपेई नगर निवासी रंजीत बाजपेयी के पुत्र आयुष(7)को बंदरों ने काट लिया था। इससे बालक जख्मी हो गया था। उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन की जरूरत थी। उसे सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिल सका। नतीजा परिवार ने बिसवां कस्बा जाकर मेडिकल स्टोर से एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीदा, तब कहीं बच्चे को इंजेक्शन लग सका।
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(वर्जन)
जिले में एंटी रैबीज इंजेक्शन आ गए हैं। जल्द ही जिला अस्पताल व सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इंजेक्शन पहुंचा दिए जाएंगे। पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन आए हैं।
- डॉ. हरगोविंद सिंह, सीएमओ
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