सीतापुर। अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों को सभी जरूरी सुविधाओं से लैस किए जाने के शासन के निर्देशों का जिले में पालन नहीं हो रहा है। मंडलीय अफसरों के मुआयने में इसकी कलई खुली। 16 आश्रय स्थलों में गड़बड़ी पाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने डीएम को कमियों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों का बुरा हाल है। यहां जरूरी सुविधाओं को अभाव है। इससे गोवंशों को खतरा हो सकता है। जिले में पूर्व में कई गोवशों की मौत हो चुकी है। इसका संज्ञान लेते हुए लखनऊ के मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने जिलों में स्थापित समस्त गोवंश आश्रय केन्द्रों, गोशालाओं का सत्यापन करने के लिए 18 अफसरों को जिम्मेदारी दी थी।
जांच अधिकारियों ने आश्रय स्थलों में जांच के दौरान पाई गई कमियों का निराकरण करने के लिए मंडलायुक्त को आख्या उपलब्ध कराई। सीतापुर के आश्रय स्थलों की जांच अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन डॉ. रामपाल सिंह ने की। प्रस्तुत निरीक्षण आख्या में जिले के 16 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में खामियां पाई गईं।