राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग में आयोजित जिला परिवीक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारियों के संग बैठक कर विभागीय कार्यों की समीक्षा कर प्रगति जानी।
समीक्षा में बाल कल्याण के वाद लंबित पाए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने संबंधित को सख्त निर्देश दिए कि जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनका आधार कार्ड जल्द से जल्द बनवा दिया जाए। लंबित वादों के निस्तारण का फौरी तौर पर समाधान करने के भी निर्देश दिए।
आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने श्रम विभाग से आने वाले बच्चों की जानकारी ली और पूछा कि आप उन बच्चों का क्या करते हैं। बाल कल्याण अधिकारी के सदस्यों ने बताया कि हम उनके माता-पिता से बांड भरवाते हैं तथा बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि शून्य से 10 वर्ष तक की आयु के लिए अलग संस्था है तथा 10 वर्ष से ऊपर के बच्चों के लिए अलग संस्था स्थापित है।
बाल कल्याण अधिकारी सदस्य ने बताया कि जिले में एक भी बालिका गृह नहीं है जिसके कारण बच्चियों को रखने के लिये बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा शिशु गृह की मान्यता भी नहीं है।
इस पर आयोग की सदस्या डॉ. शुचिता ने सभी सदस्यों को आश्वासन दिया कि हम इसके लिये शासन से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जो बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उनको साथ में लेकर एक सर्वे किया जाए तथा सर्वे को आयोग तक पहुंचाया जाए ताकि उनकी कठिनाइयों को दूर कराया जा सके।
समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने हरदोई चुंगी पर स्थित बाल गृह बालक का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किचन, स्टोर में रखे खाने के सामान, शौचालय, कम्प्यूटर कक्ष आदि का भी जायजा लिया।
साथ ही उन्होंने संबंधित को सख्त निर्देश दिए कि जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनका आधार कार्ड जल्द से जल्द बनवा दिया जाए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्विनी कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी, महिला थाना की थानाध्यक्ष रेणू सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।