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काली घटाएं छाने से पारा दस डिग्री लुढ़का

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भीषण गर्मी से बेहाल आम जनमानस को मौसम के बदले मिजाज ने काफी राहत पहुंचाई। बुधवार को दिन भर काली घटाएं छाई रहीं। मंद-मंद बहने वाली हवा के बीच कई बार बूंदाबांदी भी हुई। इससे मौसम खुशगवार हो गया। हालांकि अच्छी बारिश न होने से लोगों को मायूस होना पड़ा।
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बदली छाने व हवा चलने से अधिकतम तापमान में दस डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री रहा। मौसम की नरमी का असर बाजारों में भी नजर आया।
मंगलवार शाम से मौसम ने करवट ली और काले बादलों ने डेरा जमा लिया।

रात भर बादल छाए रहे और हवा चलती रही। बुधवार सुबह से ही मौसम नरम रहा। बादलों की आवाजाही के बीच 10 किमी. प्रति घंटे की गति से हवा चलती रही। सुबह व दोपहर बूंदाबांदी भी हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया तो भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को भारी राहत मिली।
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हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकली लेकिन बादलों के कारण उसकी तल्खी नदारद रही। इससे मंगलवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में दस डिग्री की गिरावट आई। मौसम में नरमी तथा हवा में 80 प्रतिशत नमी से लोगों को राहत जरूर मिली लेकिन अच्छी बारिश न होने से मायूस भी होना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गुरुवार को बादल छाए रहने के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

शहर के पार्क भीषण गर्मी के कारण दिन में सूने रहते थे। देर शाम कुछ लोग सैर-सपाटे और स्वच्छ हवा के लिए जरूर पहुंचते थे। बुधवार को मौसम के करवट लेने पर शहर के पार्कों में रौनक नजर आई।

शहर के सरोजनी वाटिका, महावीर उद्यान, विजयलक्ष्मी नगर इत्यादि पार्कों में बच्चों ने खूब मस्ती की। बच्चों के साथ अभिभावक भी पहुंचे थे। लिहाजा, पार्कों में चहल-पहल रही।

जिले में बुधवार को दिन भर बादल छाए रहने और बूंदाबांदी ने बारिश की उम्मीद जगाई लेकिन पूरा दिन बादल छाए रहने के बाद भी बारिश न होने से किसानों को मायूस होना पड़ा। दरअसल, इन दिनों धान की पौध के अलावा गन्ना, मेंथा व सब्जियों की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है।

बारिश होने पर किसान धान की नर्सरी डालना शुरू कर देंगे। बारिश न होने पर किसान मायूस जरूर हुए लेकिन आसमान में बादलों के डेरा जमाए रहने से इनकी उम्मीद अभी कायम है।
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