किसान दिवस में किसानों ने लघु सिंचाई विभाग के भ्रष्टाचार को उठाया। इसे डीएम ने गंभीरता से लेते हुए जांचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान व चार नदियों के अस्तित्व को लेकर किसानों की चिंता पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में डीएम अखिलेश तिवारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित किया गया। इसमें एलिया ब्लॉक के ग्राम बम्भौरा निवासी आनंद दीक्षित ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग से उन्होंने निशुल्क बोरिंग कराई थी जो मानक अनुरूप न होने के कारण फेल हो गयी है।
प्रकरण के निस्तारण के लिए डीएम ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बोरिंग की जांच कर फेल होने का कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। निशुल्क बोरिंग का सर्वे किसी मानक एजेंसी से कराया जाए।
कमलापुर क्षेत्र से आए किसानों द्वारा नदियों के समाप्त होने का खतरा एवं उन पर अतिक्रमण होने की जानकारी दी गई। इस पर डीएम द्वारा सिंचाई विभाग को सर्वे कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
सिधौली तहसील क्षेत्र के किसानों द्वारा कोनीघाट पुल के नीचे नदी का पानी रोके जाने से अवगत कराते हुए उसे तत्काल खुलवाने की मांग की गई जिससे धनधारी जंगल के जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके।
इसके लिए नहर विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। किसान उमेश पांडे द्वारा निजी नलकूपों के विद्युत कनेक्शन में बहुत समय लगने की समस्या बताई। राकेश कुमार वर्मा, निवासी ग्राम मरसंडा ने बताया कि ऐरा चीनी मिल द्वारा उनके क्षेत्र के गन्ना किसानों का चार महीनों से भुगतान नहीं किया गया है।
इस पर जिला गन्ना अधिकारी को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये गये। डीएम द्वारा वन विभाग से अपेक्षा की गयी कि पौधरोपण में नीम, आम, बरगद, पीपल, पाकड़ तथा फलदार पौधों को रोपित कराएं जो जीवों को आश्रय भी प्रदान करते हैं तथा पर्यावरण के लिये अत्यंत लाभकारी हैं। सीडीओ, उप कृषि निदेशक सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।