सीतापुर। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में सक्रिय क्षय रोगियों का खोज अभियान 13 से 22 जून तक चलाया जाएगा। अभियान में घर-घर जाकर संभावित क्षय रोगियों की खोज की जाएगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुसाफिर यादव ने बताया इस अभियान में करीब 10 प्रतिशत आबादी का चयन किया गया है।
जिसमें सिधौली, बिसवां, महमूदाबाद, रेउसा, लहरपुर, ऐलिया, महोली, सांडा, पहला, खैराबाद, रामपुर मथुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत आने वाले नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के संभावित क्षय रोग से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलेगा।
इन क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों में काम करने वाले, कुपोषण से ग्रस्त ग्रामों एवं ऐसे क्षेत्र जहां से स्वास्थ्य केन्द्रों की दूरी अधिक है को चिह्नित कर माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा।
जनपद में इस विशेष खोज अभियान के लिए 175 टीमें बनाई जाएगी। टीम के सदस्य घर के प्रत्येक सदस्य की स्क्रीनिंग कर टीबी के लक्षण जानेंगे।
लक्षणों में दो हफ्ते से अधिक खांसी, लगातार बुखार रहना, वजन घटना, सीने मे दर्द, बलगम में खून, रात में अत्यधिक पसीना आना आदि को देखते हुए सम्भावित व्यक्ति का बलगम एकत्र कर लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।
जांच की रिपोर्ट उनके घर पहुंचाई जाएगी। क्षय रोग से पीड़ित होने पर उनका इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र/डॉट सेंटर पर प्रारम्भ किया जाएगा।
इस कार्य के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर के विभागीय सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस खोज अभियान से जुड़े प्रत्येक सदस्य को जनपद व सीएचसी स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
उपचार के दौरान मरीज को नि:क्षय पोषण योजना के तहत पांच सौ रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता भी प्रदान किया जाएगा, जिससे जनपद को टीबी मुक्त किया जा सके।