बिसवां (सीतापुर)। कस्बे के सहरी सरांय में करीब आठ माह पूर्व पड़ी लाखों की डकैती के सरगना 25 हजार के इनामी अपराधी मकबूल को एसटीएफ व बिसवां पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोच लिया है। पुलिस का दावा है कि मकबूल बिसवां में किसी से मिलने आ रहा था, तभी उसे रास्ते में दबोच लिया गया।
बिसवां के सहरी सरांय निवासी मौलाना जमीर अहमद के घर पांच अक्टूबर 2018 की रात डकैतों ने धावा बोल दिया था। डकैतों ने परिवार वालों को असलहों के दम पर बंधक बनाने के बाद करीब पांच लाख का माल लूट लिया था। हालांकि मौलाना के भाई ने परिवार वालों की मदद से हाशिम नाम के एक डकैत को दबोच लिया था।
जबकि मकबूल सहित कई अन्य डकैत लूटे गए माल सहित भाग गए थे। पुलिस ने हाशिम के कबूलनामे के बाद कई अन्य डकैतों को पकड़ कर जेल भेज दिया था, लेकिन खीरी जिले के मितौली निवासी व डकैतों का मुख्य सरगना कुख्यात बदमाश मकबूल बंजारा अब तक भाग हुआ था।
पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लाख कोशिशें की थी, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। इस शातिर बदमाश को पकड़ने के लिए लखनऊ की एसटीएफ भी लगी थी।
बिसवां पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने शनिवार को बिसवां कोतवाली क्षेत्र में लहरपुर मार्ग पर कोटरा पुल के पास से मकबूल बंजारा को दबोच लिया है। मकबूल बंजारा की गिरफ्तारी बिसवां पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। पुलिस का दावा है कि मकबूल बिसवां में अपने किसी करीबी से मिलने आया था।
तो बिसवां में कौन है डकैतों का सरपरस्त
तकरीबन आठ माह पूर्व जब मौलाना जमीर के घर डकैती पड़ी थी। तब भी यह बात सामने आई थी कि बिसवां के ही किसी मुखबिर की जानकारी के आधार पर डकैतों ने वारदात अंजाम दी है।
अब जब डकैतों का सरगना मकबूल बंजारा दबोचा गया, तब भी पुलिस का दावा है कि वह बिसवां में किसी से मिलने आया था। आखिर वह कौन शख्त है जो इन डकैतों का सरपरस्त है। पुलिस का दावा है कि बिसवां में वह किससे मिलने जा रहा था, उसके बारे में पूछताछ जारी है। उसका भी खुलासा होगा।
दर्ज हैं कई मुकदमे
मकबूल पर करीब एक दर्जन से अधिक जघन्य आपराधिक मुकदमे मितौली सहित विभिन्न थानों व जनपदों में दर्ज हैं। वह मितौली थाने से भी वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिसवां के इंस्पेक्टर संजय पांडेय चंद दिन पूर्व भी मितौली गए थे। सीओ समर बहादुर सिंह का कहना है कि मकबूल का पकड़ा जाना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है।