सीतापुर। लगातार गिरते वाटर लेबल को रोकने के लिए अब जिले में तालाब खोदवाए जाएंगे। ये तालाब महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना में खोदे जाएंगे। चालू बजट साल में इस योजना में 357 तालाब खोदवाने का लक्ष्य है। हरगांव ब्लॉक में सर्वाधिक 25 तालाब खोदे जाएंगे।
अंधाधुंध जल दोहन व जल संचयन के अभाव में निरंतर जलस्तर घट रहा है। सीतापुर जिले में भी गोंदलामऊ व एलिया ब्लॉक में भी खतरे की घंटी बज चुकी है। दोनों ब्लाकों में पिछले एक दशक में औसतन हर साल 20 सेमी. जलस्तर में कमी आई है।
यह दोनों ब्लॉक सेमी क्रिटिकल की श्रेणी में आ गए हैं। गोंदलामऊ में 738.79 हेक्टअर क्षेत्रफल के जलस्तर में एक मीटर की वृद्धि की जरूरत है। पर स्वच्छ पेयजल के जलस्तर में 79.31 प्रतिशत कमी पाई गई है। एलिया में भी स्वच्छ पेयजल के जलस्तर में 94.81 प्रतिशत गिरावट आंकी गई है।
इनके अलावा महोली, खैराबाद व हरगांव ब्लॉकों में जलस्तर घट रहा है। यही वजह है कि इन ब्लॉकों में राजकीय नलकूप कम पानी उगल रहे हैं। लगातार घटते वाटर लेबल की समस्या के समाधान के लिए वाटर रिजार्जिंग महत्वपूर्ण है।
इसे दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने सीतापुर जिले में चालू वित्तीय बरस में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना में 286 तालाब खोदे जाने का लक्ष्य है।
जबकि बीते बरस लक्ष्य के सापेक्ष 71 तालाब खोदवाए नहीं जा सके थे। ये तालाब अधूरे रह गए थे। ऐसे में इन तालाबों को भी चालू साल में सम्मिलित किया गया है।
ऐसे में इस बार 357 तालाब खोदवाए जाएंगे। खास बात तो यह है कि हरगांव ब्लॉक में सर्वाधिक तालाब 25 तालाब खोदवाए जाएंगे। इनके वाटर रिचार्जिंग की समस्या का समाधान होगा। बेजुबानों को तालाबों में पीने का पानी भी सुलभ होगा।
मनरेगा योजना में चालू बजट साल में जिले में 357 तालाब खोदवाए जाने हैं। चयनित तालाबों को खोदवाने के लिए सभी खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
-सुशील कुमार सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार