रिक्त दुकानों की चयन प्रक्रिया में जुटा खाद्य आपूर्ति विभाग
सीतापुर। अब उपभोक्ताओं को सरकारी राशन लेने के लिए कई-कई किलोमीटर तक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें सरकारी राशन खुद की ग्राम सभा में ही आसानी से सुलभ होगा। इसके लिए सीतापुर जिले में रिक्त राशन की दुकानों का नए सिर से चयन होगा।
यहां पर वैसे तो 67 राशन की दुकानें रिक्त हैं। पर 11 दुकानों में कोटे का स्थगनादेश है। ऐसे में रिक्त 56 राशन की दुकानें जल्द खुलेंगी। इनके चयन की प्रक्रिया 31 जनवरी तक खोली जाएगी। इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग रिक्त दुकानों की चयन प्रक्रिया में जुट गया है।
जिले में लगभग 67 सरकारी राशन की दुकानें रिक्त हैं। इन दुकानों को क्षेत्र की दूसरी दुकानों से अटैच करके रखा गया है। जिसकी वजह से उस दुकान से जुड़े कार्ड धारकों को काफी दूरी तय करने के बाद कहीं जाकर राशन मिल पा रहा है। जिले की जो 67 दुकानें रिक्त हैं, उनमें 11 दुकानदारों ने कोर्ट से स्टे ले रखा है।
जिसकी वजह से उन कोटों की चयन प्रक्रिया प्रशासन पूरी नहीं कर सकता है। जबकि 56 दुकानों की चयन प्रक्रिया पूरी कराने का अधिकार प्रशासन के पास मौजूद हैं। हाल ही में मुख्य सचिव राजीव कुमार ने राशन दुकानों के रिक्त चल रहे स्थानों पर 25 जनवरी तक चयन प्रक्रिया पूरी करने और 31 जनवरी तक दुकानें खोलने का निर्देश दिया है।
मुख्य सचिव के फरमान पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया। खुद डीएम डॉ. सारिका मोहन ने दुकानों के चयन को लेकर खुली बैठकों का खाका तैयार किया है। यहां की रिक्त 56 ग्राम सभाओं में नए कोटे के चयन के लिए खुली बैठकें की जाएंगी।
ये आयोजन 9 जनवरी तक होंगे, जिसके बाद दुकानों को आवंटित कर राशन वितरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए कोटों का चयन होने से ऐसे कार्ड धारकों को सुविधा मिलेगी, जो लंबे समय से कोटा निलंबित होने के कारण कोसों का सफर तय करके राशन लेने जाते हैं।
8 किलोमीटर दूर मिल रहा राशन
रेउसा क्षेत्र के ग्राम बसंतापुर का कोटा लंबे समय से निलंबित चल रहा है। इस कोटे को गांव से करीब 8 किलोमीटर से दूर दूलामऊ में अटैच किया गया है। नतीजा कार्ड धारकों को राशन व तेल लेने के लिए 8 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
गांव के गोकुल बाजपेयी, राजेश बाजपेयी, सोनेलाल, मौजीलाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि राशन व तेल लेने के चक्कर में पूरा दिन बर्बाद जाता है। क्योंकि बसंतापुर के नागरिक आठ किलोमीटर की दूरी तय कर कोटे पर पहुंचते हैं, उसके बाद अपना नंबर आने का इंतजार करते हैं।
चहलारी में 34 वर्ष बाद आएगा कोटा
रेउसा क्षेत्र के कार्ड धारक इन दिनों खानी हुसैनपुर में अटैच कोटे से राशन उठा रहे हैं। यहां के बाशिंदों को पता ही नहीं था, कि उनके गांव का कोटा निलंबित चल रहा है। हालांकि प्रधान लोरिक प्रसाद, ग्रामीण कल्लू, नसीर, तौकीर आदि ने बताया कि करीब 34 वर्ष पहले चहलारी गांव में कोटा था।
यह कोटा किन्हीं कारणों से निलंबित कर दिया गया था। तब से लेकर आज तक यहां पर कोटा रिक्त चल रहा है। अब ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, कि बहुत जल्द ही उनके गांव में भी कोटा आ जाएगा।
होती है कई दिक्कतें
कनकारी के ग्रामीण भी कोटा गांव में न होने के कारण परेशान हैं। गांव की रामश्री, मालती, कुंती देवी आदि महिलाओं ने बताया कि कोटा बेलहा गांव में अटैच है। यह गांव करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है।
इससे राशन पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने बताया कि जब कोटा उनके गांव में पहुंच जाएगा, तब तमाम समस्याएं दूर हो जाएंगी। गांव के बाशिंदे गांव में कोटा वापस आने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वर्जन
रिक्त दुकानों के चयन प्रक्रिया शुरू
जिले में कुल 67 दुकानें रिक्त हैं, इनमें 11 दुकानों पर कोर्ट का स्टे है। शेष 56 दुकानों के चयन के लिए खुली बैठक की तारीखें घोषित कर दी गई है। 9 जनवरी तक दुकानों का चयन कर लिया जाएगा।
-अभय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी