सीतापुर। पंचायत निर्वाचन महकमे ने बीते 14 अगस्त को बूथों पर मतदाता सूचियों का अनंतिम प्रकाशन कर दिया है पर आयोग की वेबसाइट पर आईं ऑनलाइन शिकायतें अभी तक निपटाई नहीं जा सकी हैं।
117 में से महज 15 मामले निपटाए जा सके हैं। शेष प्रकरण जांच के अभाव में लंबित हैं। इससे निर्वाचन कार्यों से जुड़े अफसरों पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने ऑन लाइन शिकायतों को फौरीतौर पर निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
पंचायतों का पंचवर्षीय कार्यकाल नवंबर में पूरा हो रहा है। नए कार्यकाल गठन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग वोटर लिस्टों को दुरुस्त करने में जुटा है।
मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान में नए लोगों के नाम बढ़ाए गए। मृतक व स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए।
यही नहीं आयोग ने इस बार नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नए नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन सुविधा दी गई।
यह कार्य पूरा होने के बाद आयोग के फरमान पर बीते 14 अगस्त को पंचायत की मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी गईं पर खास बात यह है कि आयोग की वेबसाइट पर यहां की सात तहसीलों में आए आवेदनों का सौ फीसदी निस्तारण नहीं हो पाया है।
केवल 15 शिकायतें निपटाई जा सकी हैं। शेष शिकायतें जांच की प्रत्याशा में लंबित पड़ी हैं। इनके निस्तारण में दिलचस्पी न लेने पर आयोग ने बाकायदा डीएम को पत्र जारी किया है। इसके मार्फत आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से अनिस्तारित ऑनलाइन फार्मों का शीघ्र निस्तारण कराकर रिपोर्ट मांगी है।