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घाघरा के साथ विकराल हो रही शारदा

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तंबौर कस्बा समेत 100 गांव आए बाढ़ की चपेट में, क्षेत्रवासियों में मचा हड़कंप
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रेउसा/तंबौर (सीतापुर)। गांजरी क्षेत्र में अब तक घाघरा नदी तबाही मचा रही थी। पर बुधवार रात से शारदा नदी भी उफना चली है। हालत यह है कि शारदा से चार किलोमीटर दूर स्थित तंबौर कस्बा भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। तंबौर से लेकर रेउसा इलाके तक करीब 100 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें 60 गांव ऐसे है, जो जबरदस्त रूप से बाढ़ का दंश झेल रहे हैं।

तंबौर कस्बे में गांजर इंटर कॉलेज के निकट पानी पहुंच गया है, वहीं सीएचसी भी बाढ़ की चपेट में है। इस क्षेत्र के बसंतापुर, देवपालपुर, दुबाई, मुरब्बा, पूरन सरांय, छतांगुर, बैठू पुरवा, आलमपुर, मोगलपुर, औरंगाबाद, बिसवां खुर्द, चंदीभानपुर समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। शारदा नदी का रौद्र रूप देखकर हड़कंप मचा हुआ है।
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जहां तंबौर इलाके का यह हाल है, वहीं रेउसा इलाके में कोनी, पासिन पुरवा, फौजदार पुरवा, श्याम नगर, सुंदर नगर, नगीना पुरवा, जैतहिया, सलामत जान पुरवा, जिन्ना पुरवा, टपरा, ठेकेदार पुरवा, चौकी पुरवा, परमेश्वर पुरवा, कटैला पुरवा, गार्गीपुरवा, पचीसा, सुकई पुरवा, मौजी पुरवा, दर्जिन रेती, रामलाल पुरवा आदि करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में है।

तंबौर से लेकर रेउसा इलाके तक 100 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सबसे खराब हाल रेउसा क्षेत्र के गांवों का है। जहां पर अधिकांश संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में हैं। जैतहिया के निकट सड़क कट जाने से सात गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। कटान वाले स्थान पर पानी का तेज बहाव चल रहा है।

रेउसा क्षेत्र में आठ की संख्या में सरकारी स्कूल बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिनके परिसर में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे शिक्षा प्रभावित हो रही है। बाढ़ पीड़ित बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकलकर सड़कों का रुख कर रहे हैं। वे सड़कों पर अपना आशियाना बना रहे हैं।

कुल मिलाकर बाढ़ग्रस्त इलाके में जिंदगी सड़कों पर आ गई है। जहां बाढ़ का यह हाल है, वहीं गुरुवार को शारदा व घाघरा बैराजों से 281223 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे आने वाले दिनों में भी हालत सुधरने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जब यह पानी सीतापुर से गुजरेगा, तब हालात और बिगड़ेंगे।

बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
बाढ़ग्रस्त इलाका मारू बेहड़ में गुरुवार को पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की गई। इस दौरान विधायक ज्ञान तिवारी ने कहा कि बाढ़ से बचाव के स्थाई प्रबंध करने होंगे। बाढ़ जाने के बाद इस विषय पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त गांवों में पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री मुहैया करा दी गई हैं। यथाशीघ्र बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। बाढ़ राहत कार्य में हीलाहवाली करने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने बाढ़ प्रभावित पच्चीसा ,कोनी, नगीना पुरवा गांव के कटान पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।

इस दौरान 92 परिवारों को आटा ,चावल, दाल, चना, नमक, रिफाइंड, हल्दी, मिर्ची, धनिया, मोमबत्ती, माचिस, बिस्कुट, आलू आदि व तिरपाल बांटे। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि ओमप्रकाश मिश्रा, एसडीएम शशि भूषण राय, तहसीलदार गिरीश झा मौजूद थे।

घाघरा में बहता आया किशोर का शव
रेउसा। थानगांव थाना क्षेत्र के पासिनपुरवा के कुछ ग्रामीण गुरुवार की सुबह नाव से अपने खेत देखने के लिए निकले थे। इसी बीच ग्रामीणों ने घाघरा के बीच उथली जगह पर एक शव देखा। शव देखते ही ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी। करीब दो घंटे के बाद पुलिस नदी में पहुंची और शव को बाहर निकाला।
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शव पूरी तरह से निर्वस्त्र था। मृतक की उम्र 14 वर्ष के करीब बताई जा रही है। उसके गले पर निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या कर शव फेंके जाने का संदेह जताया जा रहा है। थानाध्यक्ष राजेश राय ने बताया कि किशोर के शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। मृत्यु का कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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