पानी से घिरे सात गांव, बाढ़ की चपेट में आए गांवों के कई संपर्क मार्ग
रेउसा/सीतापुर। जिले के गांजरी क्षेत्र में उफना रही घाघरा नदी तटीय क्षेत्र के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। नदी का पानी निरंतर बढ़ता जा रहा है। करीब सात गांव बाढ़ की जद में आते नजर आ रहे हैं। जिनके आसपास बाढ़ का पानी घिर गया है। नदी में गिरने वाले सभी बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे क्षेत्र के करीब आठ संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं।
इस वजह से तटीय क्षेत्र के बाशिंदों के आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। जहां नदी इस कदर रौद्र रूप धारण किए हुए है, वहीं इसके और भयावह होने की संभावना जताई जा रही है। क्योंकि गुरुवार को शारदा और घाघरा बैराजों से सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे हालात और बिगड़ने का संदेह जताया जा रहा है।
रेउसा क्षेत्र के कोनी, परमेश्वर पुरवा, फौजदार पुरवा, गार्गी पुरवा, पासिन पुरवा, लोधपुरवा, मरेली आदि गांव बाढ़ के मुहाने पर नजर आ रहे हैं। घाघरा नदी के बाढ़ का पानी गांवों के चंद कदमों की दूरी पर हिलोरे मार रहा है। इन गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। रेउसा क्षेत्र में करीब 2000 बीघा से अधिक की खेती बाढ़ की चपेट में आ गई है। चहलारी घाट के निकट घाघरा नदी में गिरने वाले बरसाती नाले के माध्यम से बाढ़ का पानी तेजी से मारू बहेड़ की तरफ बढ़ रहा है। जहां घाघरा पूरी तरह से उफान पर है, वहीं नदी तेजी से कटान कर रही है।
क्षेत्र के गौढ़ी गांव के निकट नदी ने तेजी से कटान किया है। यहां पर सिपाही, रामेश्वर, रामसिंह, जगन्नाथ, खेलावन आदि किसानों की 48 बीघा खेत कटान की भेंट चढ़कर नदी में समा गई है। कुल मिलाकर पूरे तटीय इलाके में हड़कंप की स्थिति है।
उधर शारदा व घाघरा बैराजों से गुरुवार को 2,12,402 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस पानी की मात्रा अधिक बताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि जब यह पानी रेउसा क्षेत्र से गुजरेगा, तब स्थिति और विकराल हो सकती है।
इधर प्रशासन भी तटीय क्षेत्र के बाशिंदों का अलर्ट कर रहा है। उसका कहना है कि अभी तो स्थिति सामान्य है, लेकिन जिस हिसाब से बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है, उससे आने वाले दिनों में मुसीबत खड़ी हो जाएगी। हालांकि प्रशासन हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी होने की बात भी कह रहा है।
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 103367 क्यूसेक
शारदा 109035 क्यूसेक
बनबसा 84694 क्यूसेक
निरंतर छोड़ा जा रहा पानी खतरे का सबब
इन दिनों स्थिति उतनी खराब नहीं हुई, जिसको मुसीबत माना जाए। लेकिन जिस तरह से बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। उससे आने वाले दिनों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को सतर्क कर दिया गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
-शशिभूषण राय, एसडीएम
नुकसान का दिया जाएगा मुआवजा
एसडीएम बिसवां का कहना है कि नदी के कटान में जो घर व खेती कट रही है। उसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। पीड़ितों की सूची तैयार की जा रही है। पीड़ितों को दैवीय आपदा राहत कोष के माध्यम से आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि तटीय इलाके में कानून गो व लेखपालों की टीम को तैनात किया गया है। वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और व नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।