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धर्म परिवर्तन मामले में न्यायालय में दिए बयान

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बयान के आधार पर ही पुलिस करेगी कार्रवाई
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सीतापुर। हरगांव के हरीरामपुर में धर्म परिवर्तन मामले में पीड़ितों ने सोमवार को न्यायालय में मजिस्ट्रेटी बयान दिए हैं। बयान के बाद पुलिस उन बयानों के अवलोकन का हवाला दे रही है। जिसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कह रही है। हरीरामपुर गांव में तनाव को देखते हुए, पुलिस बल तैनात है।

बता दें कि हरगांव के हरीरामपुर निवासी जयकरन सिंह ने मोहरसा निवासी सिराज, मेराज, दरोगा, तौफीक खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि सिराज व उसके साथियों ने जयकरन सिंह के पुत्र समर बहादुर सिंह, उसकी पत्नी शिवदेवी, पुत्र पुष्कर, शिवांग उर्फ धनंजय का जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जहां पुलिस हरकत में आई, वहीं क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। जिसकी वजह से हरिरामपुर व मोहरसा में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एहतियात के तौर पर पीएसी भी तैनात की है। इसी मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत पुलिस ने सोमवार को समर बहादुर सिंह, शिवदेवी, पुष्कर व शिवांग उर्फ धनंजय को सीजेएम कोर्ट में पेश किया।

यहां पर न्यायाधीश के सामने चारों ने बारी बारी से मजिस्ट्रेटी बयान दिए हैं। जानकारों की माने तो पीड़ित पक्ष का कोर्ट में दिया गया बयान बड़ी अहमियत रखता है। इस बयान से स्पष्ट हो जाएगा, कि पीड़ित पक्ष ने खुद ही धर्म परिवर्तन किया, या फिर दबाव बनाकर जबरन उनका धर्म परिवर्तन करा दिया गया ।

पुलिस भी इस मामले में फूंक फूंक कर कदम रख रही है। थानाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने बताया कि न्यायालय से बयान की कॉपी लेकर उसका अवलोकन करके बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। हालांकि इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार मीडिया से भी दूरी बनाए हुए है।
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नाम पुराने
जहां पीड़ित पक्ष का धर्म बदले जाने की बात कही जा रही है, वहीं यह बता दें कि सोमवार को जब पुलिस ने पीड़ितों को बयान के लिए न्यायालय में पेश किया। तब कागजातों में पुराने नाम ही दर्ज थे। समर बहादुर सिंह, शिवदेवी, पुष्कर व शिवांग उर्फ धनंजय के पुराने नाम से ही न्यायालय में पेश किया गया।

ऐसे में लोग चर्चा करते रहे, कि जब धर्म परिर्वतन कर लिया है, तब इन सभी का नया नाम क्या है। हालांकि पीड़ित भी अपने नए नाम को बताने से कतराते नजर आए।
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