सीतापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब टीबी की जांच में और तेजी आएगी। ट्रूनेट मशीन के जरिये महज एक घंटे में रिपोर्ट मिल जाया करेंगी। इस मशीन से जांच कराने में बहुत ही सटीक परिणाम आएंगे। शासन स्तर से 13 सीएचसी पर ट्रूनेट मशीन लगाने की मंजूरी मिल गई है। आपूर्तिकर्ता संस्था जल्द ही यहां मशीन स्थापित करेगी। इससे मरीजों को जांच करवाने के लिए जिला अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।
जिला अस्पताल परिसर के क्षय रोग केंद्र में टीबी की जांच की निशुल्क सुविधा है। यहां पर ट्रूनेट मशीन के जरिये जांच की जाती है। कई सीएचसी पर भी जांच की सुविधा है, लेकिन सभी सीएचसी पर ट्रूनेट मशीन न होने से सटीक परिणाम आने में देरी होती है। इससे मरीजों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। अब यह समस्या दूर होने वाली है।
शासन स्तर से 13 सीएचसी पर मशीन लगाए जाने की मंजूरी मिल गई है। एक सप्ताह के अंदर यहां मशीन इंस्टाल करके चालू कर दी जाएगी। इससे मरीजों को जांच करवाने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अपनी सीएचसी पर ही जांच करवाकर बेहतर रिपोर्ट हासिल कर सकेंगे।
-
इन सीएचसी पर लगेगी ट्रूनेटमशीन
सीएचसी पिसावां, रामपुर मथुरा, रेउसा, एलिया, हरगांव, कसमंडा, खैराबाद, लहरपुर, महमूदाबाद, महोली, मिश्रिख, पहला व परसेंडी।
-
मिल गई है मंजूरी
सीएचसी पर ट्रूनेट मशीन लगवाने के लिए मंजूरी मिल गई है। जल्द ही सभी सीएचसी पर इसे स्थापित कराया जाएगा। इससे मरीजों को जांच कराने में सुविधा रहेगी।
-डॉ. सुरेश कुमार, सीएमओ
-
क्या होती है ट्रूनेट मशीन
चिकित्सकों ने बताया कि टीबी की जांच में ट्रूनेट मशीन एक आधुनिक, स्वदेशी और पोर्टेबल आणविक डायग्नोस्टिक उपकरण है। इसका उपयोग टीबी के कीटाणुओं का जल्दी और सटीक पता लगाने के लिए किया जाता है। यह मशीन मुख्य रूप से थूक के नमूने की जांच करती है। प्रतिरोध का पता लगाने के लिए लगभग एक से दो घंटे में परिणाम देती है।