अधिवक्ता-पुलिस विवाद : हल न निकला तो फिर शुरू हो सकती हड़ताल
सीतापुर। जिले के आंदोलित वकीलों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद एक दिन के लिए स्थगित हुई हड़ताल के दौरान कुछ वकीलों द्वारा बनाए गए दबाव के चलते बार एसोसिएशन की एक आपात बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई।
वकीलों का कहना था कि कुल मामले में निर्णायक कार्रवाई न होने पर हड़ताल जारी रहनी चाहिए। लेकिन लंबी चली बैठक के बाद अंत में कार्यवाहक अध्यक्ष आशीष मिश्र ने मामूली रद्दोबदल के साथ पुन: यह घोषणा करते हुए कहा कि राज्यपाल व मुख्यमंत्री के आश्वासन पर फिलहाल हड़ताल के एक दिन के स्थगन का निर्णय उचित है।
आगे अवकाश के दो दिनों में क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है इसके इंतजार के बाद सोमवार को अधिवक्ताओं की बैठक दोपहर डेढ़ बजे से होगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि इस बीच कुछ अधिवक्ता जेल जाकर अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी से भी मुलाकात करेंगे और उनका मत जानने के बाद बैठक में अगली रणनीति तय होगी।
मालूम हो, कि बीते दिनों राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन तथा इस सिलसिले में कमिश्नर व आईजी द्वारा शुरू की गई जांच से 37 दिनों से चली आ रही हड़ताल की समाप्ति के संकेत मिले थे। वकीलों ने यह भी निर्णय लिया था, कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आश्वासन का सम्मान होना चाहिए।
लेकिन कुछ वकीलों के आक्रोश के चलते गुरुवार को हड़ताल के स्थगन का निर्णय लिया गया पर शुक्रवार की सुबह कचहरी खुलने पर तमाम अधिवक्ता इस निर्णय से आक्रोशित दिखे। जिस पर आननफानन में एक बैठक की गई लेकिन आक्रोशित वकीलों के तमाम गर्मागर्म भाषण के बावजूद कार्यवाहक अध्यक्ष ने अपनी सोमवार को बैठक बुलाने की घोषणा बरकरार रखी।
आम राय यह भी बनी कि सोमवार दोपहर तक कुछ न हुआ तो पुन: हड़ताल को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में इतना जरूर तय हुआ कि सोमवार तक जेल में निरुद्ध अधिवक्ता साथियों से मुलाकात कर उनकी भी राय जान ली जाए। बैठक में जिन-जिन नेताओं व संगठनों द्वारा इस कुल लड़ाई में सहयोग प्रदान किया गया उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करने पर भी आम सहमति बनी।