एफएसडीए ने थोक विक्रेता को जारी किया नोटिस
सीतापुर। खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी थमने की नाम नहीं ले रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से लिया गया पोला कचरी का नमूना प्रयोगशाला जांच में अनसेफ मिला है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसमें प्रतिबंधित कलर की मिलावट की पुष्टि हुई है। इस पर थोक विक्रेता को नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवीद्र नाथ वर्मा ने 14 मई 2018 को मिलावटखोरों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान लहरपुर में वाहन लेकर आ रहे एक ड्राइवर विनय कुमार पाल को रोका। वाहन से पोला कचरी का नमूना भरा।
इसको जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में यह नमूना अनसेफ मिला है। इसमे सिंथेटिक कलर की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। पोला कचरी पर एक्सपाइरी डेट भी नहीं पड़ी थी। न ही इस पर उत्पाद का कोई बैच नंबर था।
जांच में यह भी पता चला कि ड्राइवर शहर के ग्रीकगंज स्थित पिन्टू मेसर्स के यहां से माल लेकर जा रहा था। जिले में पिन्टू मेसर्स ही पोला कचरी का थोक विक्रेता है। इस पर ड्राइवर व पिन्टू मेसर्स को नोटिस जारी किया गया है।
निरस्त होगा लाइसेंस
अभिहित अधिकारी अरविंद कुमार यादव का कहना है कि पिन्टू मेसर्स के यहां से पहले भी लिए गए नमूने जांच में फेल हो चुके हैं। इस पर अब व्यापारी का खाद्य कारोबार का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। साथ ही नमूने फेल होने वाला माल भी नष्ट कराया जाएगा। जिससे यह अब बिक न सके।
दायर होगा वाद
पोला कचरी में सिंथेटिक कलर के मिलावट की पुष्टि हुई है। इस पर व्यापारी को नोटिस भेजा गया है। सेंट्रल लैब से जांच कराने का मौका दिया गया है। उसके बाद वाद दायर कर दिया जाएगा।
-अरविंद कुमार यादव, अभिहित अधिकारी