जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में एक बेड पर भर्ती के दो-दो बच्चे।
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जिले में दिमागी बुखार तेजी से पांव पसार रहा है। मौजूदा समय जिला अस्पताल में 12 बच्चे दिमागी बुखार की चपेट में हैं। जबकि आठ संदिग्ध बच्चों की जांच की जा रही है। लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज चल रहा है। जिम्मेदार संसाधनों की कमी का रोना रो रहे हैं। रामकोट के ग्राम गुराईपुर निवासी रामहेत के पुत्र ओमकार (12) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। वह प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज कराता रहा।
इसी बीच बालक बेहोशी में चला गया। जिसके बाद परिवार ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसी तरह से मिश्रिख के महम्मदीपुर निवासी विष्णु का पुत्र महेंद्र भी बीमार है। उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों ने उसे भी दिमागी बुखार की चपेट में आना बताया है।
थानगांव के कैथ्योरा निवासी पुतान का पुत्र मुकेश (5), इमलिया सुल्तानपुर के ग्राम सैदापुर निवासी बंशीलाल की पुत्री कांति देवी (5), छतौना निवासी रहीस का पुत्र शानू (10), लहरपुर के ग्राम सुल्ता हरीपुर निवासी जगदीश का पुत्र मोनू (12), खैराबाद के अढ़ावल खुर्द निवासी सुरेश का पुत्र अंबरीश (11), महोली के पेंदरहिया निवासी सिद्दीक की पुत्र साबरुन (12) समेत करीब 20 बच्चे जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हैं।
बेड कम पड़ने से एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, जिम्मेदारों का कहना है कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण बेड कम पड़ गए हैं।