मान्यता की आड़ में गैर मान्यता प्राप्त कॉलेज के विद्यार्थियों का ले रहे एडमिशन
सीतापुर। वीरेंद्र सिंह शकुंतला देवी इंटर कॉलेज तंबौर के मुआयने में डीआईओएस को हर कदम पर कमियां ही कमियां मिलीं। कॉलेज में धनउगाही के चक्कर में दूसरे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय के विद्यार्थी पंजीकरण होने की बात सामने आई। इसकी अंदाजा वहां पर महज 12 फीसदी छात्रों उपस्थित को देखकर लगाया जा सकता है।
88 फीसदी छात्र गैर हाजिर मिले। बेखौफ शिक्षकों ने डीआईओएस को उपस्थिति पंजिका तक नहीं दिखाई। वहीं इंटर कॉलेज में प्राइमरी की कक्षाएं चलती मिलीं। जिस पर डीआईओएस ने प्रधानाचार्य व प्रबंधक से स्पष्टीकरण तलब किया है। दो सप्ताह के अंदर सही जवाब न देने पाने पर एफआईआर दर्ज कराने व मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
डीआईओएस नरेंद्र शर्मा के मुआयने के समय प्रधानाचार्य गैर हाजिर मिले। जब शिक्षकों से छात्र उपस्थित पंजिका मांगी तो उन्होंने इसको देने से मना कर दिया। इससे डीआईओएस ने खुद ही छात्र संख्या गिनी। जिसमें पंजीकृत 1976 के सापेक्ष महज 250 विद्यार्थी ही मिले।
इससे प्रतीत हेाता है कि प्रधानाचार्य व प्रबंधक मिलकर धनउगाही के चक्कर गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय के विद्यार्थियों का एडमिशन ले रखा है। इसी वजह से छात्र संख्या बेहद कम हो रही है। विद्यालय में विज्ञान विषय की मान्यता होने के बावजूद एक भी प्रयोगशाला नहीं मिली।
इसी प्रकार मान्यता व छात्र संख्या के हिसाब से 31 क्लास रूम होने चाहिए। लेकिन मौके पर केवल 24 ही मिले। कॉलेज में प्राइमरी वर्ग की कक्षाएं संचालित होते मिलीं। इस पर डीआईओएस ने 15 दिन के अंदर प्रधानाचार्य व प्रबंधक से स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि इस अनुशासनहीनता व नियम विरोधी कार्य करने के कारण क्यों न आप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर मान्यता समाप्त कर दी जाए।