सीतापुर। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा में रविवार को 10226 अभ्यर्थियों ने एग्जाम दिया। वहीं, 6269 अभ्यर्र्थी गैर हाजिर रहे। पहली बार हो रही माइनस मार्किंग से कुछ अभ्यर्र्थी खुश तो कुछ नाखुश भी दिखे। प्रश्न पत्र के पैटर्न पर संतोष जताया।
पीसीएस की परीक्षा के लिए जिले में 37 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। यह केंद्र शहर व खैराबाद इलाके में थे। दो पालियों में आयोजित परीक्षा की पहली पाली सुबह 9.30 बजे शुरू हुई। अभ्यर्र्थी इससे पहले ही केंद्र पर पहुंच गए। कक्ष निरीक्षकों ने तलाशी लेकर कॉलेज के अंदर जाने दिया।
पहली पाली में सामान्य अध्ययन व दूसरी पाली 2.30 से 4.30 के बीच सीसैट प्रश्न पत्र का एग्जाम हुआ। जिले में 16495 अभ्यर्र्थी पंजीकृत थे। जिसमें 10226 ने एग्जाम दिया। 6269 अभ्यर्र्थी गैर हाजिर रहे। सभी परीक्षा केंद्रों का अफसर दिनभर निरीक्षण करते रहे। किसी भी केंद्र पर कोई दिक्कत नहीं आई।
वहीं पहली बार इस परीक्षा में माइनस मार्किंग की व्यवस्था की गई थी। दूसरा प्रश्नपत्र केवल क्वालीफायर था। इससे अभ्यर्थियों ने बहुत सोच समझकर उत्तर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र बहुत अच्छा था। इनको हल करने में कोई खास दिक्कत नहीं आई। डीआईओएस नरेंद्र शर्मा ने बताया कि शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हो गई है।
अच्छे आएंगे नंबर
प्रश्नपत्र ठीक था,। इनको हल करने में कोई खास दिक्कत नहीं आई। उम्मीद है कि अच्छे नंबर से क्वालीफाई कर लेंगे।
कुलदीप यादव
समझकर हल किया
माइनस मार्किंग होने की वजह से बहुत सोच समझकर प्रश्न हल किए है। जिस प्रश्न पर भरोसा किया, उसी को टिक किया। अच्छा प्रश्न पत्र था।
योगेश मिश्रा
सरल था प्रश्नपत्र
इससे पहले हुई परीक्षा के प्रश्नपत्रों से यह प्रश्नपत्र काफी सरल व व्यवस्थित था। टिपिकल खंड हटा दिए गए थे।
रुचि वर्मा
नहीं आई समस्या
कड़ी मेहनत करके एग्जाम दिया है। उम्मीद के मुताबिक प्रश्न भी थे। जिनको सॉल्व करने में कोई खास समस्या नहीं आई।
ज्योति राजवंशी
रोडवेज पर रही भीड़भाड़
इस परीक्षा में 16 हजार से अधिक अभ्यर्र्थी पंजीकृत थे। वही अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन व मित्र भी आए थे। इससे शहर की सड़कोें पर सुबह से ही भीड़ दिखी। रोडवेज बस स्टॉप पर भी खासी भीड़ रही। एग्जाम छूटने के बाद तो बसों को लेकर मारामारी रही। काफी देर तक इंतजार के बाद उनको बस मिल सकी। वहीं, अभ्यर्थियों को केंद्र पर जल्द पहुंचने का फायदा ऑटो रिक्शा चालकों ने खूब उठाया। जिस जगह का किराया पांच रुपया था, उसको आज 20 रुपये तक वसूला।