नैमिषारण्य की प्रस्तावित स्मार्ट स्ट्रीट का थ्री डी मॉडल।
- फोटो : नैमिषारण्य की प्रस्तावित स्मार्ट स्ट्रीट का थ्री डी मॉडल।
सीतापुर। योगी सरकार के बजट में हर वर्ग को खुश करने का प्रयास किया गया है। किसानों, युवाओं, महिलाओं व छात्राओं को साधने की कोशिश की गई है। बजट में इस बार भी 88 हजार ऋषि-मुनियों की पावन तपोभूमि नैमिषारण्य का विशेष ध्यान रखा गया है। नैमिष में पर्यटन अवस्थापना विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे नैमिष में कई बड़े प्रोजेक्ट को गतिमान होने के साथ पर्यटन के क्षेत्र में नए आयाम मिलने की उम्मीदें बलवती होती दिख रही हैं। इससे नैमिष वासियों और संत-महंतों ने खुशी जाहिर की है। नैमिषारण्य में कुल 38 परियोजनाओं को आकार लेना है। इनमें 9 का काम पूरे हो चुके हैं, शेष 29 परियोजनाओं को बजट मिलने से गति मिलेगी।
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को योगी सरकार-2 का 10वां बजट पेश किया। 2026-27 के जारी हुए इस बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने का काम किया गया है। सरकार ने नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद द्वारा नैमिष क्षेत्र में समेकित विकास का खाका खींचते हुए 100 करोड़ रुपये का बजट दिया है। इससे पर्यटन विकास की राह पर आगे बढ़ रहे नैमिष की गति और तेज होगी। इस बजट से नैमिष में अटके कुछ बड़े प्रोजेक्टों का काम आगे बढ़ाने में आर्थिक मदद मिलेगी।
चूंकि पिछले साल के बजट में भी नैमिष की झोली में 200 करोड़ रुपये आए थे। नैमिष में अब तक ट्रैक्टर-ट्रॉली की पार्किंग ध्रुव तालाब का सौंदर्यीकरण व हेलीपैड का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। इस बार फिर 100 करोड़ मिलने से यहां के लोगों में उम्मीद बढ़ी है कि सरकार नैमिष के पर्यटन को बढ़ावा देने और विकास के लिए आगे भी तत्पर रहेगी। हालांकि, यहां के साधु-संतों ने कहा है कि नैमिष का विकास समयबद्धता के अनुरूप होना चाहिए।