एक तरफ लोग फुटकर रुपयों की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। वहीं महज अफवाहों के चलते लोग दस रुपये के सिक्कों को लेने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में दस रुपये के सिक्कों के चलन पर संशय बना हुआ है।
जिसके पास सिक्के मौजूद हैं, वो इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर दूसरा व्यक्ति उनसे सिक्के लेने से इंकार क्यों कर रहा है। वहीं प्रशासन का तर्क है कि सिक्के चलन में हैं, सिक्के लेने में आनाकानी करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार की रात से 500 व 1000 रुपये की नोट पर पाबंदी लगा दी गई है। जिसके बाद 100, 50, 20 व 10 आदि रुपयों के नोटों के लिए हाय- तौबा मची हुई है। वहीं 10 रुपये के सिक्के बाजार में मौजूद हैं, लेकिन अफवाह वश लोग इन सिक्कों को लेने में परहेज कर रहे हैं।
जिससे ऐसे लोग परेशान हैं, जिनके पास 10 रुपये के सिक्के मौजूद हैं। हाल ही में बैंकों ने भी नोट के बदले 10 के सिक्के ग्राहकों को थमाए हैं। सिक्के हाथ में आने के बाद लोगों का कहना है कि 10 रुपये का सिक्का चलाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
काफी बहस के बाद दुकानदार उन रुपयों को लेता है। इसी तरह से तमाम दुकानदार ऐसे मिले, जिनका कहना है कि उन्होंने ग्राहकों से 10 रुपये के सिक्के ले लिए, लेकिन अब ग्राहक उन लोगों से रुपये लेने से इंकार कर रहा है।
ऐसे में दस रुपये के सिक्के को लेकर बाजार में ऊहापोह की स्थिति देखी गई। उधर, प्रशासन का कहना है कि दस रुपये के सिक्के चलन में हैं, अगर इस मुद्रा को लेने से कोई इंकार करेगा, तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो सिक्के लेने से इंकार करने वालों पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।