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Sitapur News: नदी में समाए 10 घर, लोधनपुरवा व भूषणपुरवा गांव पर संकट

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तराई इलाके में कटाना करती नदी। - फोटो : तराई इलाके में कटाना करती नदी।
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू की बेकाबू लहरें कटान करते हुए शुकुलपुरवा में लगातार तबाही मचा रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान शुकुलपुरवा के मजरा लोधनपुरवा और भूषनपुरवा में 10 आशियाने कटान की भेंट चढ़ गए। करीब 20 बीघा कृषि योग्य भूमि फसल समेत कटकर नदी में समा गई। अब सुंदरपुरवा व भूषणपुरवा के 15 घर लहरों के निशाने पर हैं। रोकथाम की सारी कवायदें फिलहाल बेअसर साबित हुई हैं। कटान इसी तरह होता रहा तो लोधनपुरवा और सुंदरपुरवा का अस्तित्व भी खत्म हो सकता है। कटान से बेघर परिवार गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थान पर शरण लिए हुए हैं।
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सोमवार को प्रशासन की ओर से कटान पीड़ितों को राशन किट व तिरपाल वितरित किए गए हैं। वहीं, तीनों बैराजों से सोमवार को 3.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 10 सेमी बढ़कर 118.10 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 90 सेमी नीचे है। फिलहाल बाढ़ के हालात नहीं हैं, लेकिन कई दिनों से जारी कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। सरयू की लहरों के निशाने पर शुकुलपुरवा ग्राम पंचायत है। इसके मजरा लोधनपुरवा तथा भूषणपुरवा के चंदन, प्रकाश, परिक्रमा, परशुराम, परमेश्वर, केशन, सुखदेव दयाराम व विजय आदि के घर कटकर सरयू में बह गए हैं।
अब सनेही, गयाराम, बिहारी, दयाराम, मयाराम, छविलाल, रमेश, कुंवारे, इंद्रपाल, देशराज, नरेश आदि के घर कटान की कगार पर हैं। इनमें देशराज व नरेश के घर से लहरें महज आठ से 10 मीटर की दूरी पर ही उफान मार रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान तेज है। इसी तरह कटान होता रहा तो यह दोनों घर शाम तक नदी में समाहित हो सकते हैं। वहीं, भूषणपुरवा और सुंदरपुरवा के किसान नागेश्वर, दयाराम व सनेही की पांच-पांच बीघा, परमेश्वर की तीन बीघा तथा सुखदेव की दो बीघा जमीन फसल समेत नदी में कट गई है।
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