सिद्धार्थनगर। पेट में दर्द की शिकायत लेकर रविवार शाम माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप था कि इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी में 100 रुपये की डिमांड की।
ऑनलाइन भुगतान की बात पर वह नाराज हो गया और गलत इंजेक्शन लगा दिया। हंगामे की जानकारी पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।
नगर के परसा शाह आलम निवासी विशाल (18) पुत्र राम गिरीश के पेट में दर्द था। राम गिरीश के मुताबिक रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे वह विशाल को लेकर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।
वहां ड्यूटी पर मौजूद एक स्वास्थ्य कर्मी ने इंजेक्शन लगाने के लिए 100 रुपये मांगे। नगद न होने का हवाला देकर राम गिरीश ने ऑनलाइन भुगतान करने को कहा। आरोप है कि इस स्वाथ्यकर्मी झल्ला उठा और विशल को एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद विशाल की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी में स्ट्रेचर पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया इससे अफरा-तफरी मच गई। बवाल बढ़ता देख ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी भाग खड़े हुए। वहीं, बवाल बढ़ाने की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर, डॉ. ललित कुमार मिश्रा, सीओ सदर अरुणकांत सिंह और शहर कोतवाल संतोष कुमार तिवारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
परिजन स्ट्रेचर पर शव रखकर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। एसडीएम और सीओ ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वे आरोपी स्वास्थ्य कर्मियों को मौके पर बुलाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। बाद में एसडीएम सदर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शव मोर्चरी में रखवा दिया।