जनता जर्जर सड़क से परेशान है और डीएम साहब एक्सईएन से। सड़क की मरम्मत के लिए दर्जनों पत्र लिख चुके हैं। शासन स्तर पर शिकायत कर चुके हैं, मगर एक्सईएन पर कोई असर नहीं। नतीजा सड़क बदहाल पड़ी है। वह भी ऐसी सड़क जो सिर्फ जिले के लिए नहीं, बल्कि पर्यटन और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह सड़क जिला मुख्यालय से होते हुए नेपाल बॉर्डर तक जाती है।
गोरखपुर-फरेंदा से नौगढ़ होते हुए नेपाल बॉर्डर को जाने वाली सड़क करीब दो वर्ष वर्ष राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल कर ली गई थी। तभी से सड़क बदहाल पड़ी है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व वाले सड़क के निर्माण के लिए केंद्र से धनराशि भी अवमुक्त हो चुकी है, बावजूद लंबे समय से इसका निर्माण नहीं हो रहा।
यह सड़क जिले के आला अफसरों के दफ्तर, आवास, प्रमुख बाजार से होकर गुजरती है। ऐसे में आम से लेकर खास वर्ग तक दुश्वारियां झेल रहे हैं। सड़क निर्माण के लिए लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं। धरना-प्रदर्शन तक कर चुके हैं। कई बार ज्ञापन भी दिया जा चुका है, बावजूद स्थिति जस की तस है। शोरगुल होने पर काम शुरू हो जाता, मगर कुछ दिनों बाद फिर ब्रेक लग जाता है।
जिलाधिकारी खुद कई बार संबन्धित अधिकारियों को निर्देशित कर चुके हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पिछले दिनों इस समस्या को लेकर अधिवक्ता भी डीएम से मिले थे। इस पर डीएम ने खुद की विवशता जताते हुए उच्चाधिकारियों से दोबारा बात करने की बात कही। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक्सईएन का कहना था कि जिले में एनएच की कई सड़कें है। अपने अधीन आने वाली सड़क का निर्माण करा रहे हैं। डीएम के निर्देश पर कार्रवाई हो रही है।