महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध पर रोकथाम के लिए सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क खोले जाएंगे। इन थानों में महिला पुलिस अधिकारी की तैनाती होगी, जो महिलाओं की समस्याओं को सुनेंगी और उसका निस्तारण करेंगी। बिना भय और संकोच के महिलाएं अपनी परेशानी हेल्प डेस्क पर कह सकेंगी। इसके लिए जिले के सभी थानों में महिला फरियादियों के लिए अलग काउंटर बनेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल के बाद बेटियों की सुरक्षा में बड़े बदलाव दिखेंगे।
दिल्ली में निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में हो-हल्ला हुआ था। इस बीच हैदराबाद में हुई घटना ने निर्भया की याद को फिर से ताजा कर दी। पूरे देश में गम और गुस्सा था। जबकि इस घटना से पूर्व ही बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने थे। लेकिन इसके बाद भी अपराध कम नहीं हुए।
इसी कड़ी में शासन स्तर से महिला हेल्प डेस्क खोले जाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत जिले के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क खोले जाएंगे। महिला हेल्प डेस्क खोलने के पीछे सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं बेझिझक अपनी बात रख सकें और आपात स्थिति में महिला पुलिस कर्मी को सूचना दें। समय से सूचनाओं और शिकायतों के मिलने से समस्या का निस्तारण होगा। एसपी विजय ढुल ने बताया कि सभी थानों में महिलाओं के लिए अलग काउंटर बना है, जिससे वह अपनी बात को महिला पुलिस के समक्ष खुलकर रख सकें।
समय-समय पर थानों पर महिला सहायता काउंटर खोलने के निर्देश मिलते रहे हैं। सभी थानों को निर्देशित किया जाएगा। जिले की आबादी पर गौर करें तो मौजूदा समय में 29 लाख से अधिक पहुंच चुकी है। इसमें महिलाओं की तादाद तकरीबन 13 लाख से अधिक होगी। स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं की संख्या तीन लाख के करीब है। माना जा रहा है कि महिला हेल्प डेस्क की स्थापना होने से इन्हें अपनी बात पुलिस को बताने में आसानी होगी।
महिला पुलिस अधिकारी सुनेंगी समस्याएं
महिला हेल्प डेस्क पर महिला पुलिस अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जिससे महिलाएं उन्हें अपनी बात खुलकर बता सकें। इसके लिए पुलिसकर्मी प्रशिक्षित होंगी। इसके अलावा टीम में मनोचिकित्सक, वकील व एनजीओ के लोग शामिल होंगे।
गोपनीय रखा जाएगा नाम
थानों में बनने वाले महिला पुलिस डेस्क पर अगर को महिला दूसरे पीड़ित की जानकारी देगी, तो उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसमें घरेलू हिंसा, आसपास होने वाले अपराध या फिर स्कूल कॉलेज जाते समय किसी बालिका को परेशान किया जाता हो। ऐसे मामले में सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखते हुए टीम कार्रवाई करेगी।