पथरा। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना की ओर से केंद्र पर रविवार को प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। इसमें किसानों को कई जानकारियां दी गईं।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि देश में हरित क्रांति के आने से हम अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर हुए, लेकिन खाद्य तेल के लिए अभी भी हम आयात पर निर्भर हैं। इसलिए किसान अपनी फसल चक्र में तिलहनी फसलों का समावेश कर देश को तेल उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बनाएं। केंद्र के बीज वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से समूह प्रथम पंक्ति प्रदर्शन तिलहन कार्यक्रम के तहत इस वर्ष जनपद में लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की उन्नत प्रजाति आर एच -725 का प्रदर्शन किसानों के पर क्षेत्र पर किया गया है।
केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया किसान वैज्ञानिकों की ओर से बताई गई नवीन तकनीकों का प्रयोग कर उत्पादन लागत को कम करके उत्पादन बढ़ाए। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने किसानों को तिलहन फसलों के उत्पादन तकनीक के बारे में बताया और कृषि संबंधी समसामयिक जानकारी भी दी। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने उन्नत प्रजाति की सरसों के लगे प्रदर्शनों का भी भ्रमण किया। कार्यक्रम में फॉर्मर चेंज एजेंट लवकुश मौर्य ने किसानों का पंजीकरण कराया