परसा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला कार्यसमिति की संयुक्त बैठक सोमवार को बीआरसी परसा के सभागार में सोमवार को हुआ।
बैठक में जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि पांच बिंदुओं को लेकर आगामी सात अक्टूबर को बीएसए कार्यालय पर एक दिवसीय धरने का आयोजन किया गया है। बीएसए पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद में स्थानांतरण की प्रक्रिया बीएसए के कारण रुकी हुई है, जिससे अध्यापक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि 814 अध्यापकों के वेतन भुगतान के लिए दबाव बनाने की जरुरत है क्योंकि शासनादेश के अनुसार दो आनलाइन सत्यापन के बाद वेतन भुगतान करने का नियम है। जनपद में केवल एक ही संगठन है और बाकी अवैध हैं। अध्यापकों की अनुपस्थिति पर बिना डीएम की संस्तुति पर वेतन कटौती का विरोध करते हुए कहा कि डुमरियागंज, नौगढ़ समेत कई ब्लाकों के शिक्षकों ने बीईओ पर धनउगाही का आरोप लगाया है। ऐसे बीईओ को चिन्हित कर उनके ऊपर लगाम लगाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में होने वाले स्नातक निर्वाचन के चुनाव में बनी पुरानी मतदाता सूची सुप्रीम कोर्ट के आदेश से निरस्त हो गई है। अब नई सूची बननी है जिसमें सभी अध्यापक फार्म भरकर कार्यालय पर जमा करें। हमारा एमएलसी जीतेगा तो हम विधानपरिषद में और मजबूत होंगे।
जिला मंत्री योगेेंद्र पांडेय ने कहा कि जिन्हें नेतृत्व करने की अभिलाषा है वो अपने ब्लाकों से संवैधानिक रुप से चुन कर आएं। इस दौरान सुरेंद्र तिवारी, जावेद आलम, नरेेंद्रमणि तिवारी, निसार अहमद, नसीम अहमद, अभय श्रीवास्तव, मुस्तन शेरुल्लाह, अरुण कुमार सिंह, रुपेश सिंह, करुणेश मौर्य, रामप्रकाश मिश्र, लालजी यादव, दिलीप उपाध्याय, नफीश हैदर रिजवी, कृपाशंकर त्रिपाठी, अनिल तिवारी, उमेश मिश्र, अफजल, रिषीधर द्विवेदी, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।