बकरीद में अदा करेंगे कुर्बानी का फर्ज
मुसलमान परिवारों में की जा रही है बकरीद की तैयारी
21 जुलाई को मनाई जाएगी बकरीद त्योहार
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा। कुर्बानी के पर्व बकरीद की तैयारियां की जा रही है। 21 जुलाई को बकरीद मनाई जाएगी। मुस्लिम बाहुल्य गांवों और टोलों में बकरीद की तैयारियों की रौनक देखते ही बन रही है। कुर्बानी का फर्ज अदा करने के लिए तगड़े बकरों की खरीद की जा रही है।
बकरीद के दिन हर मुसलमान पर कुर्बानी करना वाजिब है। कोरोना संक्रमण के चलते पिछली बार बकरीद का त्योहार फीका था। लोग बकरीद को लेकर अपने-अपने तरीके से तैयारी में जुटे हैं। जो लोग बकरीद पर कुर्बानी देते हैं, वे बकरों की तलाश में जुटे हैं। कुछ लोग पहले से ही बकरा खरीद लिए हैं। उलेमा बताते हैं कि कुर्बानी करना हर मुसलमान पर वाजिब है, इसलिए क्षेत्र में बड़ी संख्या में बकरों की कुर्बानी दी जाती है। लोग बकरों को खरीद कर उनके साथ समय बिताते हैं ताकि कुर्बानी के बकरों के साथ उनका दिली लगाव हो जाए। मौलाना शहाबुद्दीन ने बताया कि बकरीद पर कुर्बानी दी जाती है। जिस पर जकात फर्ज है, उस पर कुर्बानी वाजिब है। कुर्बानी देने का इरादा कर चुके मोहम्मद हारुन, सदरे आलम, रमजान बताते हैं कि उन्होंने बकरे खरीद लिया है और अब बकरों के साथ अधिक से अधिक समय बिता रहे हैं। वे बकरीद के पहले दिन कुर्बानी करेंगे। अब्दुल कलाम बताते हैं कि उन्होंने पिछले वर्ष बकरे को खरीदा था, उसको पालकर कुर्बानी करेंगे। बताया जाता है कि जो लोग बकरे को पालकर कुर्बानी करते हैं, उसको अधिक शबाब मिलता है। उलेमा बताते हैं कि खुदा कुर्बानी देने वालों का दिल देखता है।
सेहतमंद और खूबसूरत बकरों की तलाश
बकरीद पर जानवर की कुर्बानी दी जाती है, लेकिन जिस जानवर की कुर्बानी दी जाती है, उस जानवर का स्वस्थ और खूबसूरत होना जरूरी है। उलेमा बताते हैं कि कुर्बानी का जानवर कमजोर न हो और उसमें कोई कमी न हो। इसके साथ ही वह स्वस्थ और खूबसूरत होना चाहिए। उसका कोई भी अंग कटा न हो, जो लोग कुर्बानी का जानवर खरीद कर कुर्बानी देते हैं, उनको इस बात का बहुत ख्याल रखना चाहिए।